विरोध का अनोखा तरीका, डिप्टी कलेक्टरों के नाम डॉक्टरों की चिट्ठी

भोपाल, हरप्रीत कौर रीन। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों का प्रबंधन कार्य राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को सौंपने के फैसले का कड़ा विरोध लगातार जारी है डॉक्टर इस निर्णय का पुरजोर विरोध कर रहे हैं सागर के चिकित्सा शिक्षक संघ ने सभी डिप्टी कलेक्टरों के नाम एक चिट्ठी लिखी है समस्त मेडिकल कॉलेजों के भाग्य विधाता समस्त डिप्टी कलेक्टर आधुनिक भारत के निर्माण में आपने डायवर्सन बटवारा नामांतरण रजिस्ट्री और नक्शा पास करके जो योगदान दिया है उसके लिए हम सब आपका दिनांक 5 एक 2022 को साए 4:00 बजे बस स्टैंड चौराहा सागर पर गुलाब के पुष्प देकर धन्यवाद प्रेषित करना चाहते हैं इसके लिए पीले चावल भेज रहे हैं। इस अवसर पर उन सभी वीरों का भी सम्मान होगा जो डायवर्सन बटवारा नामांतरण रजिस्ट्री और नक्शा पास बिना रिश्वत दिए करवा पाए यह पत्र सागर के सभी डिप्टी कलेक्टरों को प्रोफेसर डॉ सर्वेश जैन की तरफ से लिखा गया है जो चिकित्सा शिक्षक संघ के अध्यक्ष हैं।

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दरअसल डॉक्टरों का यह विरोध पिछले साल के अंत से ही जारी है। वजह है एक प्रस्ताव। चिकित्सा शिक्षा विभाग प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों के प्रबंधन के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को प्रशासक के रूप में नियुक्ति का प्रस्ताव ला रहा है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि इससे महाविद्यालयों के संचालन की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी और यह निर्णय चिकित्सा शिक्षा संस्थानों को नौकरशाही के कुचक्र में डालने का प्रयास है। टीचर्स एसोसिएशन में अपने सारे तथ्य मुख्यमंत्री के सामने रखते हुए बताया है कि किसी भी राज्य में मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को नियुक्त नहीं किया जाता और नौकरशाह को चिकित्सा का कोई ज्ञान ना होने से वह मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन कैसे करेगा? सोमवार से इस निर्णय के विरोध में सरकारी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं और आगे और भी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

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