पर्यावरण मुहिम के लिए भोपाल के ज़ीशान खान को मिला इंडिया लीडरशीप अवॉर्ड

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भोपाल। देश भर में पर्यावरण को बचाने के लिए मुहिम चलाई जा रही है। प्रशासन से लेकर सरकार युवाओं से हरियाली को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अभियान चला रही है। भोपाल के युवा भी इस काम को शिद्दत से कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए भोपाल के ज़ीशान खान लंबे समय से काम कर रहे है। उन्हें बेंगलुरु में पर्यावरण को बचाने के प्रयास के लिए संयुक्त राष्ट्र की राजदूत और बॉलिवुड एक्ट्रेस दिया मिर्ज़ा द्वारा इंडिया लीडरशिप अवॉर्ड से नवाज़ा गया है। 

ज़ीशान मध्य प्रदेश में प्लास्टिक रिसायकलिंग को लेकर लंबे समय से काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में प्लस्टिक के कम उपयोग को लेकर लगातार प्रयास किए। उन्होंने प्रदेश में पहली प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग यूनिट इंदौर में लगाई। उनके इस प्रयास से आम लोगों में प्लास्टिक के उपयोग को लेकर जागरुकता आई। इस मशीन की खासियत यह है कि इसमें प्लास्टिक बॉटल को क्रश करने के लिए आपको प्रति बॉटल डिस्काउंट कूपन मिलता है। यह कूपन होटल और अन्य जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इंदौर के  56 दुकान पर यह मशीन लगाई गई थी। जिसने इंदौर को स्वच्छ भारत मिशन में पहले नंबर पर लाने में अहम योगदान दिया था। ज़ीशान को उनके इस प्रयास के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मध्य प्रदेश रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। 

संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी किया जा चुका सम्मानित

राजधानी भोपल में अर्थ डे पर पौधरोपण के लिए भी उन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा सम्मानित किया गया जा चुका है। ज़ीशान युवाओं में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए खास मुहिम चला रहे है। उन्होंने इसके लिए स्मार्ट इंडिया नाम से एक ग्रुप भी बना रखा है। जिसमें वह राजधानी समेत प्रदेश भर के युवाओं को पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरुक करने का प्रयास कर रहे हैं। 

प्लास्टिक दान केंद्र करेंगे शुरू

ज़ीशान का कहना है कि प्लास्टिक का उपयोग बढ़ता जा रहा है। जिससे पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। रोकथान के लिए अगर युवा आगे नहीं आएंगे तो हमारा भविष्य काफी खतरनाक हो सकता है। इसलिए देश भर में हम प्लास्टिक दान केंद्र शुरू करने जा रहे हैं। जहांं लोग प्लास्टिक को दान कर पर्यावरण बचाने की इस मुहिम में हिस्सा ले सकते हैं। दान में मिलने वाले प्लास्टिक को रिसायकिल किया जाएगा। जिसका उपयोग विभान्न कामों में किया जाएगा। इससे होने वाली आय से गरीबों को भोजन की व्यवस्था समेत पर्यारण संरक्षण के लिए खर्च किया जाएगा। जिसमें पौधरोपण और उनकी देखभाल शामिल है।