
बुरहानपुर, शेख रईस। मध्यप्रदेश (MP) के बुरहानपुर जिले (Burhanpur District) में इंदौर लोकायुक्त पुलिस (Indore Lokayukta Police) ने एसडीएम, बाबू सहित तीन आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जिसके बाद तीनों आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पकड़े गए आरोपी में नेपानगर SDM दीपक चौहान, किशन कनेश बाबू और एजेंट सूर्यपाल सिंह के नाम शामिल है।
यह भी पढ़ें…150 करोड़ का बैंक घोटाला मामला, इंदौर में राजबाड़ा के पंजाब एंड सिंध बैंक पर EOW ने मारा छापा
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता नितिन सेन ने बताया कि इन्होंने इनका खकनार तहसील के ग्राम साजनी में करीब 7-8 वर्ष पूर्व एक अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति से 3 हजार वर्ग फीट का प्लॉट खरीदा था। नेपानगर एसडीएम दीपक चौहान को किसी ने शिकायत की थी कि नितिन ने अवैध तरीके से आदिवासी की जमीन पर रजिस्ट्री कराकर कब्जा कर लिया गया है। जिसके बाद नितिन को किसी व्यक्ति द्वारा ब्लैकमेल किया जाने लगा। जिसके बाद एसडीएम और उनके साथियों द्वारा नितिन शिकायत लेकर एसडीएम नेपानगर के पास पहुंचे। तो एसडीएम ने कहा की किशन कनेश नाम के बाबू से कलेक्टर कार्यालय में जाकर मिले।
जब शिकायतकर्ता नितिन बाबू से जाकर मिला तो बाबू ने कहा कि आपने गलत तरीके से नामांकन कराया है आप पर 420 का प्रकरण होगा और आप जेल जाओगे। अगर आप जेल नहीं जाना चाहते हो तो इसमें आपको कुछ खर्चा पानी करना पड़ेगा। जिसके बाद बातचीत के डेढ़ लाख रुपए में लेनदेन तय हुआ। वहीं जब शिकायतकर्ता बाबू से बातचीत करने गए थे उसी दौरान 50 हजार की रिश्वत बाबू ने पहले ही बातचीत के दौरान ले ली थी। और बची हुई राशि जब बाबू किशन को देने पहुंचे तो एसडीएम दरियापुर में किसी दुकान के सामने पैसे देने की बात कही। और वहीं जैसे ही नितिन ने पैसे दिए और उन्होंने पैसे गिनना चालू किए हमने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम ने एक लाख लेते हुए एजेंट सूर्यपाल सिंहको रंगे हाथों ट्रैप किया। आरोपी को पकड़े जाने के बाद उन पर भ्रष्टाचार के अधिनियम धारा 7 और 420b के तहत उन पर कार्रवाई कर रहे हैं।
https://vimeo.com/611849360
