छतरपुर, संजय अवस्थी| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) जिले में पटवारी (Patwari) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक पटवारी के परिवार का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की प्रताड़ना के चलते उनकी मौत हुई है| जिसका जिम्मेदार तहसीलदार दुर्गेश तिवारी है।

जानकारी के मुताबिक, मामला छतरपुर शहर के विश्वनाथ कालोनी का है, जहां 58 वर्षीय पटवारी नवलकिशोर त्रिपाठी की हार्टअटैक आ जाने से जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि प्रशानिक अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई|

मृतक के बेटे का आरोप है कि उनके पिता बिजावर तहसील के रगौली मौजा में पदस्थ थे| जिनका ट्रांसफर 7 दिसंबर को गौरिहार हुआ था, जिसका वह हाईकोर्ट से स्टे ले आये थे। इस बीच वे स्वास्थ्य खराब होने के चलते पन्ना अस्पताल में भर्ती थे, जिसके चलते वह रिलीव नहीं हो सके और न ही रिकार्ड दे सके। इस बीच तहसीलदार दुर्गेश तिवारी द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया गया और 26 जनवरी को जब उनके पिता अस्पताल में भर्ती थे, तब मातगुवां थाना की पुलिस घर भेजकर जबरन रिकार्ड जप्त करवाया और FIR दर्ज करा दी गई|

मृतक के बेटे ने बताया कि इस प्रकरण में उनकी जमानत होनी थी, लेकिन एफआईआर की टेंशन में पिता को हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई| इस सम्बन्ध में पहले ही हमारे द्वारा कलेक्टर से लेकर तहसीलदार से आवेदन देकर गुहार लगाई गई थी, बावजूद इसके प्रताड़ित किया जाता रहा|