देवास में अब गांवो की चौपाल तक पहुंचा किसानों का धरना प्रदर्शन, आखिर क्या है वजह

जब तक 'हाटपिपलिया माइक्रो सिंचाई उद्वहन योजना' की प्रशासनिक स्वीकृति (administrative acceptance) नहीं मिलती तब तक धरना प्रदर्शन (strike) बन्द नहीं होगा।

देवास, किसान आंदोलन

देवास/बागली, सोमेश उपाध्याय। भारतीय किसान संघ (indian farmers association) द्वारा देवास (dewas) जिले के बागली के चापड़ा में चल रहा किसान आन्दोलन (farmers protest) लॉकडाउन (lockdown) की अवधि में भी बन्द नहीं हुआ। किसान संघ के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक ‘हाटपिपलिया माइक्रो सिंचाई उद्वहन योजना’ की प्रशासनिक स्वीकृति (administrative acceptance) नहीं मिलती तब तक धरना प्रदर्शन (strike) बन्द नहीं होगा।

हालांकि प्रशासन द्वारा लॉकडाउन का हवाला दिया गया तो किसान संघ द्वारा एक व्यक्ति को धरना स्थल पर बैठाया गया वहीं बाकी किसान अपने गांवो की चौपाल पर ही धरने पर पुनः बैठ गए।किसान संघ के जिलाध्यक्ष गोवर्धन पाटीदार ने बताया कि महामारी के दौर में हम प्रशासन के साथ हैं। परन्तु किसानों की भी मजबूरी है। यदि अभी पानी नहीं मिला तो किसानों के लिए जीवन-मरण की ही स्थिति निर्मित होंगी।

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हालांकि किसानों के आन्दोलन को अब जनता के साथ जनप्रतिनिधियों का भी साथ मिलने लगा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मन्त्री दीपक जोशी भी किसानों की माँग का समर्थन कर चुके हैे तो वहीं हाटपिपलिया के विधायक मनोज चौधरी धरना स्थल पर पहुंच कर किसानों से संवाद भी बना चुके हैं। परन्तु किसान अपनी एकसूत्रीय मांग की प्रशासनिक स्वीकृति को लेकर अड़े हुए है।