देवास में गवली समाज निभा रहा है 300 साल पुरानी परंपरा, बेहतर स्वास्थ्य से जुड़ी है मान्यता

देवास में गवली समाज द्वारा गोवर्धन पूजा पर 300 साल पुरानी परंपरा निभाई जाती है।

देवास, डेस्क रिपोर्ट। दिवाली के बाद देशभर में गोवर्धन पूजा का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। देवास (Dewas) में भी गवली समाज द्वारा गोवर्धन पूजन के दिन 300 साल पुरानी परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। यहां पर कृष्णपुरा में रहने वाला गवली समाज परंपरा का निर्वहन करते हुए छोटे बच्चों को गोबर में लेटाता है। ऐसा बच्चों को हमेशा स्वस्थ रखने के लिए किया जाता है।

जानकारी के मुताबिक गवली समाज 300 सालों से यह परंपरा निभा रहा है। महिलाएं गोबर से गोवर्धन बनाते हैं और बच्चों को इस पर लेटाया जाता है। ताकि बच्चों का स्वास्थ्य साल भर अच्छा बना रहे। पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर ग्वालों की इंद्रदेव के गुस्से से रक्षा की थी। तभी से यह माना जाता है कि गोवर्धन उनकी रक्षा करते हैं और बच्चों को गोबर में लेटाने की परंपरा जारी है।

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दीपावली के दूसरे दिन सुहाग पड़वा का पर्व मनाया जाता है, लेकिन चंद्रग्रहण होने की वजह से यह आज मनाया जा रहा है। लोग एक दूसरे से मिलकर दीपावली की बधाइयां देने के साथ अपनी अपनी परंपराओं का निर्वहन भी कर रहे हैं। पशु पालक गाय का श्रृंगार करते हुए उन्हें सजा रहे हैं और इनकी पूजा भी की जा रही है। गवली समाज द्वारा भी सामूहिक पूजा करते हुए मंगल गीत गाए जा रहे हैं और 300 साल पुरानी परंपरा निभाई जा रही है।