Dhar News : क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी, जाँच में जुटी पुलिस

पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई और जिन नंबरों में रुपयों का भुगतान हुआ हैं, उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।

Dhar Cyber Crime News : देश व प्रदेश में ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं क्योंकि आजकल लोग कैश की बजाय ऑनलाइन और कार्ड से पेमैंट करने लगे है। जिसका सीधा सा कारण है कि बैंकों से पैसे निकालने के झंझट और समय बचाने के लिए डायरैक्ट कार्ड के जरिए पेमैंट करते हैं। लेकिन कार्ड पेमैंट के तरीके बढऩे के साथ-साथ कार्ड से जुड़े फ्रॉड भी बढ़ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के धार जिले से आ रहा है जहाँ एक अनजान नंबर से कॉल आने पर युवक को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का प्रलोभन देकर ऑनलाइन ठगों ने एक लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी कर दी। युवक ने खाते से तीन बार में हजारों रुपए में राशि कट गई। जब युवक ने अपने मोबाइल में मैसेज देखा तो पूरा मामला परिजनों को बताया। पुलिस ने युवक की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह है मामला

बता दें कि राहुल निवासी नौगांव ने पुलिस को रिपोर्ट में बताया कि उसका स्टेट बैंक में खाता है, जिस पर एक क्रेडिक कार्ड बैंक द्वारा जारी किया गया है, जिसे बाद में प्राइम कार्ड में कन्‍वर्ट करवाया था। पीड़ित को 18601801290 नंबरों से कॉल आया जिसमें सामने वाले युवक ने कार्ड की लिमिट बढ़ाने की बात कही, शंका होने पर उस कॉल को काट दिया था, जिसके बाद उसी नंबर से दूसरा कॉल आया जिसमें कॉलर ने बताया कि आपका बैंक से दूसरा कार्ड जारी कर दिया गया है, वजह पूछने पर कॉलर ने बताया कि वह बैंक के अधिकृत नबरों से ही कॉल कर रहा है, जिसके बाद कॉर्ड के पीछे नंबर देखने पर वह नंबर वही नजर आया।

क्रेडिट कार्ड करवाया ब्लॉक

आगे कॉलर ने भरोसा दिलाने के लिए व्हाट्सएप पर इस नंबर से 7247400809 मैसेज किया जिसमें बैंक की प्रोफाइल पिक्‍चर लगी थी। कॉलर ने कॉल पर जारी किए गए क्रेडिट कार्ड को डिएक्टिवेट करने की बात कही और फोन पर कन्फर्म मेंशन कोड सेंड किया कर उसे बताने के लिए कहा, और कोड बताने के बाद राहुल के खाते से तीन बार में करीब एक लाख आठ हजार 838 रुपए कटकर दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। उधर मैसेज पर पैसे कटने के नोटिफिकेशन देख राहुल ने बैंक में संपर्क किया जिसके बाद क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक करवाया। साथ ही पुलिस में भी मामला दर्ज करवाया। जिसके बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई और जिन नंबरों में रुपयों का भुगतान हुआ हैं, उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।