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धार

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही है। आए दिन घोषित प्रत्याशियों का विरोध देखने को मिल रहा है। धार से युवा कांग्रेस प्रत्याशी दिनेश गिरेवाल का विरोध दिनों दिन तेज होता जा रहा है।मंगलवार को भी गिरवाल के विरोध में स्थानीय नेताओं द्वारा गिरवाल का पुतला फूंका गया।वही सोशल मीडिया के माध्यम से भी कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से टिकट बदलने की मांग की गई।इससे पहले शहडोल, बैतूल, मंडला और बालाघाट में विरोध देखने को मिला था।

          दरअसल, मंगलवार को तीसरे दिन भी कांग्रेस प्रत्याशी दिनेश गिरवाल का विरोध देखने को मिला। यहां सोमवार को जहां धार से दो बार (1999-2004 और 2009-2014) सांसद रहे गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी ने विरोध किया है। वही मंगलवार को धार मुख्यालय सहित, धरमपुरी, ढही में भी गजेन्द्रसिंह राजूखेड़ी के समर्थकों ने गिरवाल का पुतला फूंका और टिकट बदलने की मांग की। सोशल मीडिया पर भी समर्थकों ने गिरवाल को लेकर आपत्ति जताई। यहां तक की कुछ लोगों ने पार्टी अध्य़क्ष राहुल गांधी को ट्विटर पर भी टिकट बदलकर राजूखेड़ी को देने की मांग की है। बताया जा रहा है कि गिरवाल को टिकट दिलाने के पीछे सिंधिया सहित विधायक जयवर्धन सिंह दत्तीगांव और मंत्री उमंग सिंगार का बड़ा हाथ है।गिरवाल की धार में जिला पंचायत सदस्य हैं और वे युवा कांग्रेस के सचिव भी हैं। वही राजूखेड़ी का कहना है कि 2018 में उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा पार्टी को बताई थी, तब उन्हें लोकसभा चुनाव में मौका देने का वादा कर रोक दिया गया। इस बार फिर मुझे टिकट नहीं दिया गया। 

समर्थकों और स्थानीय नेताओं का मानना- दरबार के आगे गिरवाल कमजोर

वही समर्थकों और स्थानीय नेताओं का मानना है कि भाजपा प्रत्याशी छतरसिंह दरबार के आगे गिरवाल कमजोर लग रहे है। दरबार दो बार सांसद रह चुके है ।संघ का समर्थन भी उनके साथ है। वही राजूखेड़ी इस सीट से तीन बार चुनाव जीत चुके है। पिछले बार भी राजूखेड़ी का टिकट कटने पर कांग्रेस की यह सीट भाजपा के खाते में चली गई थी। राजूखेड़ी 1990 में भाजपा से विधायक भी रह चुके हैं, बाद में वे कांग्रेस में शामिल हुए। राजूखेड़ी को टिकट दिए जाने का राज्य सरकार में मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल, पांचीलाल मेड़ा और प्रताप ग्रेवाल समर्थन कर रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला।जिसके चलते समर्थकों और स्थानीय नेताओं मे विरोध है।

राजूखेड़ी को मनाने में जुटे बड़े नेता

लगातार हो रहे विरोध के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने डैमेज कंट्रोल का काम शुरू कर दिया है।जहां बैतूल, शहडोल और मंडला मे विरोधियों को कमलनाथ मना रहे है, वही गिरवाल के विरोध में उतरे पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी को दिग्विजय मनाने में जुटे हुए है।