रिश्वतखोर पंचायत सचिव को चार साल की जेल, 10 हजार रुपए का जुर्माना

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गुना|

पंचायत सचिव को रिश्वत लेना इतना भारी पड़ा कि अब उसे जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा| मामला गुना जिले से है, जहां विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने रिश्वत लेते पकड़े गए एक पंचायत सचिव को चार साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला पांच साल पुराना है|  

जानकारी के मुताबिक आरोपी का नाम हरिओम मेहता है, वह गुना जिले की धाकड़ कॉलोनी का निवासी है। 5 साल पहले 2014 में जब वह ग्राम मझौला का सचिव था। तब उसने 25 आवेदकों से कुल पांच हजार रुपए रिश्वत ली थी। ग्रामीणों के बताने पर गांव के ही जागरूक युवक अनिल भार्गव ने ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी।  और रिश्वत लेने के दौरान उसे मार्च 2014 में लोकायुक्त टीम ने रंगे हांथो गिरफ्तार किया था।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ प्रदीप कु मार मिश्रा के मुताबिक 11 मार्च 2014 को लोकायुक्त टीम द्वारा पकडे गए हरिओम मेहता को अदालत ने चार साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है।