तीन दिन में 24 कोचिंग सेंटर सील, मोटी फ़ीस वसूलने वालों को नहीं बच्चों की फ़िक्र

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ग्वालियर। शहर में संचालित कोचिंग सेंटर्स में सुरक्षा मानकों की जांच ने ये साबित कर दिया है कि कोचिंग सेंटर के नाम पर जमे बैठे शिक्षा माफिया को सिर्फ स्टूडेंट्स से मोटी रकम वसूलने में इन्ट्रेस्ट है उन्हें बच्चों की सुरक्षा को कोई फ़िक्र नहीं है। पिछले तीन दिनों में जिला प्रशासन ने ऐसे ही सुरक्षा मानकों का मखौल उड़ाने वाले 24 कोचिंग सेंटर्स पर ताले डाल दिए और उन्हें सील कर दिया।

सूरत में हुई अग्निकांड की घटना के बाद शनिवार को ही ग्वालियर कलेक्टर अनुराग चौधरी ने अलग अलग एस डी एम के नेतृत्व में पुलिस,राजस्व और निगम अधिकारियों के संयुक्त जांच दल गठित किये और कोचिंग सेंटर्स की जांच करने भेज दिए। टीम ने  जब जांच की तो कहीं सीढियाँ संकरी मिलीं तो कहीं गैलरी में बने कमरों में क्लासेस चलती मिलीं। अधिकांश में ना तो फायर सेफ्टी सिस्टम मिले और ना ही CCTV कैमरे। एस डी एम पुष्पा पुषाम ने जब शनिवार को थाटीपुर क्षेत्र में निरीक्षण किया तो जहाँ गड़बड़ियाँ मिली उन्हें तीन दिन का अल्टीमेटम देकर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए लेकिन जब टीम समय पूरा होने के बाद इस सेंटर्स पर पहुँची तो हालात वैसे ही थे जिसके बाद टीम ने अग्रवाल एकेडमी, एकायन, हिंदी क्लासेस, उपाध्याय सर, नव निर्माण एकेडमी, नागाजी डिफेन्स,गर्ग क्लासेस ,कौटिल्य एकेडमी सहित 12 कोचिंग सेंटर्स को सील कर दिया। उधर एस डी एम सूर्यकान्त त्रिपाठी टीम के साथ लक्ष्मी बाई कॉलोनी पहुंची। यहाँ कॉलोनी में घुसते ही बनी पिनेकल बिल्डिंग में संचालित कौटिल्य और आर ए एकेडमी के कई कमरों को सील कर दिया गया। बड़ी बात ये थी आर ए एकदमी में जहाँ क्लासेस चलती मिली वहां अटेच्ड किचिन भी था जहाँ टीम को सिलेंडर पर खाना बनता हुआ मिला। जिसके बाद एस डी एम त्रिपाठी ने संचालक को जमकर फटकारा। कुल मिलकर प्रशानिक अमला अब तक शहर में 24 कोचिंग सेंटर्स को सील कर चुकी है और कार्रवाई अभी जारी है।