ग्वालियर में फिर मिले 3 पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या 33 हुई

ग्वालियर ।अतुल सक्सेना  ग्वालियर (Gwalior) में कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) मरीजों के मिलने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को आई 360 सेम्पलों की जाँच में से तीन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शेष रिपोर्ट नेगेटिव हैं। आज मिले पॉजिटिव मरीजों की संख्या को मिलाकर ग्वालियर जिले में 33 पॉजिटिव मरीज हो गए हैं।

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह (Collector Kaushalendra Vikram Singh) के मुताबिक कोरोना वायरस के संक्रमण की जाँच के लिये भेजे गए नमूनों में से सोमवार को 360 जाँच नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें 3 प्रकरण पॉजिटिव पाए गए हैं। शेष सभी नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई है। तीन पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों में से दो व्यक्तियों की ट्रैवल हिस्ट्री शहर के बाहर की है। दो व्यक्ति दिल्ली से ग्वालियर आये थे जबकि एक व्यक्ति ग्वालियर में सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के पॉजिटिव आये चिकित्सक के संपर्क वाला है। कलेक्टर ने बताया कि पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तीनों मरीजों के उपचार की व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई है। शहर में इनके निवास स्थानों को केन्टोनमेंट क्षेत्र बनाकर सर्वेक्षण का कार्य किया जायेगा । तीन नये पॉजिटिव मरीजों के मिलने से ग्वालियर जिले में पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 33 हो गई है । इनमें से 7 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं जबकि 26 मरीजों का इलाज सुपर स्पेशलिटी मे चल रहा है।

बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को क्वारंटाइन कराएं : कलेक्टर

ग्वालियर जिले में पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने इंसीडेंट कमाण्डरों द्वारा किए जा रहे सर्वे एवं कॉन्टेक्ट ट्रैकिंग कार्य की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इस कार्य को पूरी गंभीरता से लें और बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को क्वारंटाइन कराएं। जिससे कोविड-19 के संक्रमण को कम्युनिटी में फैलने से रोका जा सके। कलेक्टर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में स्थित जन-सुनवाई कक्ष में आयोजित जिले के इंसीडेंट कमाण्डरों की बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित केन्टोनमेंट क्षेत्र के इंसीडेंट कमाण्डर प्रत्येक व्यक्ति को सर्वे करायें। कोई भी व्यक्ति सर्वे से न छूटे। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले ऐसे लोग जो ओरेंज एवं ग्रीन जोन से आए हैं, जबकि रेड जोन से आए बुजुर्ग एवं बच्चों को होम क्वारंटाइन कराने, शेष अन्य लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन कराकर उनकी सेम्पलिंग कराई जाए। संस्थागत क्वारंटाइन किए गए लोगों को गर्म पानी, चाय, काढा आदि का प्रबंध कर उनकी लगातार देखभाल की जाए। सेम्पल पॉजिटिव आने पर सुपर स्पेशिलिटी चिकित्सालय में उपचार हेतु भर्ती किया जा सके। उन्होंने कहा कि 14 दिन तक होम क्वारंटाइन किए गए लोगों को इंसीडेंट कमाण्डर निगरानी कर परिजनों को आवश्यक समझाइश भी दें। इस कार्य में वार्ड निगरानी समितियों का भी सहयोग लें। उन्होंने इंसीडेंट कमांडरों को निर्देश दिए कि सर्दी, जुकाम, खाँसी एवं सांस लेने में परेशानी होने पर सेम्पलिंग कराएं। केन्टोनमेंट जोन का तीन बार सर्वे कराएं तथा इंसीडेंट कमांडर सर्वे का आकस्मिक निरीक्षण भी करें।
कलेक्टर ने कहा कि कॉल नर्सिंग होम में आए प्रकरण के संपर्क में जो चिकित्सक आए हैं, उनकी भी सेम्पलिंग कराने और पॉजिटिव प्रकरणों के संपर्क में आने वाले सभी लोगों की सेम्पलिंग कराई जाए। बैठक में केन्टोनमेंट जोन की सीमा को कम करने, बाहर से आने वाले लोगों को थर्मल स्क्रीनिंग तथा बॉर्डर एवं ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी लेते हुए लॉकडाउन का पालन कराने के भी निर्देश दिए गए।