ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

कोरोना से बचाव के लिए सरकारी प्रयासों के बीच आध्यात्मिक प्रयास भी किये जा रहे हैं। भाजपा के पूर्व सांसद एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा इन दिनों अपने गुरु भाईयों के साथ मिलकर एक विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं। लॉक डाउन के चलते ये अनुष्ठान मंदिर पर नहीं उनके गुरु भाई अपने अपने घरों पर कर रहे हैं। अनूप मिश्रा ने पीएम मोदी के दिया जलाने वाली अपील का समर्थन करते हुए कहा कि इससे दुनिया को भारत की एकजुटता की ताकत दिखाई देगी।

पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अनूप मिश्रा ने बताया कि पीतांबरा पीठ दतिया के स्वामी जी महाराज द्वारा ग्वालियर में स्थापित तारा विद्या पीठ में गुरुजी के शिष्य हर साल नवरात्रि में अनुष्ठान और जाप करते हैं लेकिन इस बार लॉक डाउन के कारण ये संभव नहीं हो सका। इस लिए सभी गुरु भाईयों ने गुडी पड़वा पर नये संवतसर पर तय किया कि सभी गुरु भाई घर पर रहकर जाप करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने सवा करोड़ जाप का लक्ष्य तय किया है और ये आने वाली पूर्णिमा को पूर्ण होगा। अनूप मिश्रा ने बताया कि कोरोना महामारी से लड़ने में तारा विद्या पीठ ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। यहाँ के साधकों ने अपनी तरफ से 71000 रुपये की राशि ग्वालियर कलेक्टर को दान स्वरूप सौंपी है।

पीएम की दिया जलाने की अपील का किया समर्थन

भाजपा के वरिष्ठ नेता अनूप मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज रविवार रात 9 बजे दिया जलाने की अपील का समर्थन किया है। अनूप मिश्रा ने कहा कि हमारे यहाँ कहा गया है “तमसो माँ ज्योतिर्गमय” यानि अंधकार से प्रकाश की ओर, अज्ञान से ज्ञान की ओर। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रकाश के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम ने इस बात का भी ध्यान रखा है कि किसी को मतभेद ना हो इसलिए चाहे वो दिया, चाहे मोमबत्ती, चाहे टॉर्च जलाने की अपील की है। अनूप मिश्रा ने कहा कि अटल जी ने कहा कि भारत केवल नदी पहाड़ों का ही देश नहीं है ये संपूर्ण पुरुष है इसके असंख्य रोम हैं और जब 130 करोड़ रोम खड़े हो जाते हैं तो संपूर्ण शरीर भरपूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस अपील के माध्यम से उन लोगों को एकजुटता का संदेश देने का प्रयास है जो भारत को देहाती और अनपढ़ समझते है ताकि ये बताया जा सके कि संकट की घड़ी में सब एकसाथ हैं।

 

लॉक डाउन के बीच अटल जी के भांजे करा रहे अनुष्ठान, ये है वजह