नेता प्रतिपक्ष को लेकर विधायक फूल सिंह बरैया का बड़ा बयान, बोले- “जिम्मेदारी मिली तो 21 ही बैठूँगा”

Atul Saxena
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Gwalior News

MP News : मप्र में मुख्य विपक्षी पार्टी की भूमिका में आई कांग्रेस में इन दिनों नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर हलचल तेज है, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस किसे नेता प्रतिपक्ष का दायित्व सौंपती है, इस बीच विधायक फूल सिंह बरैया का एक बड़ा बयान सामने आया है, उन्होंने कहा कि वैसे तो उनकी इस पद के लिए कोई इच्छा नहीं है फिर भी यदि पार्टी उन्हें जिम्मेदारी देती है तो वे 19 नहीं 21 फीसदी खरे उतरेंगे।

लाउड स्पीकर के फैसले पर क्या बोले कांग्रेस विधायक?

दतिया जिले की भांडेर सुरक्षित सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे फूल सिंह बरैया ने मध्य प्रदेश सरकार के नए फैसलों का विरोध किया है और वापस लेने की मांग की है, ग्वालियर में मीडिया से बात करते हुए विधायक बरैया ने कहा कि सरकार ने ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए यदि लाउड स्पीकर उतारने का फैसला लिया है तो सरकार की प्रशंसा होनी चाहिए लेकिन धर्म के नाम पर ये फैसला लिया है तो ये निंदनीय है इसे तुरंत वापस लेना चाहिए।

सरकार के किस फैसले को बताया गरीब विरोधी?

खुले में अंडे और मांस की बिक्री पर रोक के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधायक ने कहा कि रोक लगाने से पहले सरकार को ऐसे दुकानदारों को दुकानें देनी चाहिए, जब उनपर दुकान नहीं है तभी तो वे खुले में बेच रहे हैं, सरकार को सोचना चाहिए कि इससे उनके परिवार का पेट पलता है, मुझे लगता है सरकार का ये फैसला गरीब विरोधी है उनके पेट पर लात मारने जैसा है मैं इसका विरोध करता हूँ और इसे वापस लेने की मांग करता हूँ।

नेता प्रतिपक्ष बनने के सवाल पर क्या दी प्रतिक्रिया?

नेता प्रतिपक्ष के चयन के सवाल पर फूल सिंह बरैया ने कहा कि ये बात सही है कि पार्टी के सभी विधायकों ने प्रस्ताव पारित कर हाई कमान को भेज दिया है और कहा है कि जो हाई कमान तय करेगा वो हमें स्वीकार होगा, उन्होंने कहा कि इसमें किसका नाम है, किस वर्ग का है, किस क्षेत्र से आता है कोई चर्चा इसपर नहीं हुई, उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने के सवाल पर बरैया ने कहा कि मेरी ऐसी कोई भारी इच्छा नहीं है, लेकिन यदि पार्टी कोई जिम्मेदारी मुझे देती है मैं 19 नहीं 21 प्रतिशत खरा उतरूंगा ।

भाजपा द्वारा सीनियर नेताओं की अनदेखी पर किस तरफ किया इशारा?

मध्य प्रदेश में बड़े और सीनियर नेताओं की दरकिनार कर जूनियर को मुख्यमंत्री बनाये जाने के फैसले के सवाल कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि किसे मुख्यमंत्री बनाना है ये भाजपा का निजी मामला है, मेरा ज्यादा बोलना ठीक नहीं है लेकिन सच्चाई ये है कि दिल्ली के जो बड़े बड़े नेता थे उन्हें भाजपा ने मध्य प्रदेश  में लाकर दफना दिया और ऐसा ही राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ में किया, उन्होंने कहा इसके खिलाफ ज्वाला धधक रही है और कभी विस्फोट भी होगा।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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