ग्वालियर । प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री सचिन सुभाष यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही है। किसानों की उन्नति के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है। हमारी सरकार ने जो कहा वह कर दिखाया है। प्रदेश में मुख्यमंत्री जय किसान फसल ऋण माफी योजना के तहत प्रथम चरण में 20 लाख किसानों के 7 हजार करोड़ रूपए से अधिक के ऋण माफ किए गए हैं। योजना के द्वितीय चरण में भी ऋण माफी का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। कृषि मंत्री ने मंगलवार को जिले के चीनौर में आयोजित जय किसान फसल ऋण माफी योजना के तहत किसानों को प्रमाण-पत्र वितरण के लिए आयोजित किसान सम्मेलन में यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार के पशुपालन, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री लाखन सिंह यादव ने की।

कृषि मंत्री सचिन सुभाष यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों के हित में अनेक निर्णय लिए गए हैं। किसानों के लिए शीघ्र ही आदर्श मंडी बनाने का कार्य भी किया जायेगा। इन मंडियों में किसान को वे सभी सुविधायें उपलब्ध कराई जायेंगीं, जिनकी अपेक्षा किसान करते हैं। इसके साथ ही किसानों के अनाज को सुरक्षित रखने हेतु तीन लाख मैट्रिक टन तक की क्षमता वाले भण्डारण की व्यवस्थायें भी सरकार करने जा रही है। इन केन्द्रों पर किसान अपनी उपज सुरक्षित रख सकेगा और जब चाहेगा तब अपनी उपज को बेच सकेगा। उन्होंने कहा कि चीनौर में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण भी किया जायेगा। आगामी एक माह में इसकी स्थापना की जायेगी। इसके बन जाने से आस-पास के क्षेत्र के किसानों को भी मिट्टी परीक्षण की सुविधा चीनौर में उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि विभाग की ओर से ग्वालियर जिले में जो भी सुविधायें उपलब्ध कराई जा सकती हैं उन्हें तत्परता से उपलब्ध कराया जायेगा।
कृषि मंत्री ने किसान सम्मेलन में किसानों से अपील की कि वे रासायनिक खेती को छोड़कर जैविक खेती को अपनाएं। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से अनेक प्रकार की बीमारियां हो रही हैं। हम अपने और अपने परिवार की रक्षा के लिए रासायनिक खेती को छोड़ जैविक खेती को अपनाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रीय विधायक एवं पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में ऋण माफी का ऐतिहासिक निर्णय लेकर उसे अमलीजामा भी पहनाया है। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिला है। प्रथम चरण में ऋण माफी से जो किसान वंचित रह गए थे उनके लिए द्वितीय चरण में ऋण माफी का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। किसानों के हित में प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। पशुपालन मंत्री ने यह भी कहा कि हमारा प्रयास है कि आगामी दो वर्षों में सभी निराश्रित गौवंश को सुरक्षित और संरक्षित किया जाए। इसके लिए प्रथम चरण में प्रदेश में एक हजार गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। यह गौशालायें अतिशीघ्र बनकर तैयार होंगीं और इनमें निराश्रित गौवंश सुरक्षित और संरक्षित होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अगले चरण में 300 नई गौशालाओं के निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। पशुपालन मंत्री श्री यादव ने कहा कि किसानों को पानी की समस्या न हो, इसके लिए हिम्मतगढ़ तालाब को भरने की कार्ययोजना तैयार की गई है। 200 करोड़ रूपए की लागत से इस परियोजना का कार्य किया जायेगा। इस परियोजना के माध्यम से हरसी डैम से पाइपलाईन डालकर हिम्मतगढ़ तालाब को भरा जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हरसी डैम में पानी लाने के लिए अपर ककैटो और मड़ीखेड़ा डैम से पानी लाने की व्यवस्था की जायेगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से किसानों को खेती के लिए भरपूर पानी उपलब्ध होगा। कार्यक्रम को विशेष अतिथि मध्यप्रदेश अपेक्स बैंक के अध्यक्ष अशोक सिंह और युवा राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव संजय सिंह ने भी संबोधित किया।

इन किसानों को दिये गए ऋण माफी के प्रमाण-पत्र

कार्यक्रम में किसानों को फसल ऋण माफी के प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। इनमें प्रीतम सिंह ग्राम छिदा, भीकम सिंह ग्राम बडकीसराय, धर्मेन्द्र सिंह ग्राम बाजना, बृजमोहन ग्राम भितरवार, सुभाष ग्राम बनवार, प्रेम सिंह ग्राम तोड़ा, दशरथ सिंह गुर्जर मोहम्मदपुर, प्राण सिंह रावत दुबाहटांका, दयाकृष्ण शर्मा जौरा, सीताराम गुर्जर बागवई, नवल किशोर पचौरा, रघुवीर यादव धिरौली, बद्रीप्रसाद खेडाभितरवार, हरनाम सिंह सुखनाखिरिया, मेहफूज ग्राम खोर, सतनाम सिंह ग्राम भेगना, हरदयाल सिंह बड़कीसराय व बृजकिशोर ग्राम रजौआ शामिल हैं। इसके साथ ही पाँच कृषकों को अनुदान राशि स्वीकृत की गई और पाँच हितग्राहियों को चूजे वितरित किए गए।