इस साल 2024 में आयोजित होंगी 4 नेशनल लोक अदालतें, पहली 9 मार्च को, आपसी समझौते से सुलझेंगे मामले

Atul Saxena
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National Lok Adalat

Gwalior News : हर साल प्रदेश ने नेशनल लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है जिसमें न्यायालयों में लंबित कई तरह के प्रकरणों का एक ही छत के नीचे आपसी समझौते के तहत निराकरण कराया जाता है, इस साल कुल चार लोक अदालतें आयोजित होंगी , जिसकी तारीखों की आज घोषणा हुई, पहली नेशनल लोक अदालत 9 मार्च को आयोजित की जाएगी ।

2024 में इन तारीखों में आयोजित होंगी नेशनल लोक अदालत 

कार्यपालिक अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के दिशा-निर्देशानुसार इस साल यानि 2024 में 9 मार्च, 11 मई, 14 सितंबर और 14 दिसंबर 2024 को कुल 4 नेशनल लोक अदालतों का आयोजन किया जायेगा। मौजूदा साल की पहली नेशनल लोक अदालत 9 मार्च 2024 शनिवार को आयोजित होगी।

ग्वालियर में इन स्थानों पर आयोजित होंगी नेशनल लोक अदालतें 

जानकारी दी गई है कि ग्वालियर जिले के अंतर्गत प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ग्वालियर पी सी गुप्ता के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय ग्वालियर, परिवार न्यायालय, श्रम न्यायालय, उपभोक्ता फोरम व रेलवे कोर्ट ग्वालियर सहित सिविल न्यायालय डबरा और भितरवार में नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएंगी।

न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का होगा निराकरण 

आपको बता दें कि नेशनल लोक अदालत द्वारा न्यायालयों में लंबित आपराधिक प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, एमएसीटी (मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण) के मामले, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, बिजली और पानी का बिल संबंधी प्रकरण (चोरी के मामलों को छोड़कर), सेवा मामले जो सेवा निवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित है, का निराकरण किया जायेगा।

इसके साथ ही राजस्व के प्रकरण (जिला न्यायालय और उच्च न्यायालयों में लंबित), दीवानी मामले और विद्युत संबंधी मामलों सहित बैंक रिकवरी, जलकर, संपत्तिकर, विद्युत् चोरी आदि से संबंधित पूर्ववाद (प्रीलिटिगेशन) राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे में समझौते के आधार पर होगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ग्वालियर ने पक्षकारों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों में आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालतों में अपने राजीनामा योग्य लंबित और पूर्ववाद (प्रीलिटिगेशन) प्रकरण को उक्त नेशनल लोक अदालतों के माध्यम से आपसी समझौते से राजीनामा के आधार पर निराकृत कराएँ। साथ ही नेशनल लोक अदालत के लिए जारी की गई छूट का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करें।


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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