Gwalior News : नए आपराधिक कानून के तहत FIR दर्ज, DIG बोलीं अब थानों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं, बताये जीरो एफआईआर के लाभ

पड़ाव थाने पर मीडिया से बात करते हुए ग्वालियर डीआईजी ने कहा कि मैं नए आपराधिक कानून लागू किये जाने पर सभी को शुभकमनाएं देती हूँ, अब लोगों को पुलिस थाने के चक्कर नहीं लगाने होंगे, वो एक व्हाट्स एप या फोन मैसेज से भी FIR करा सकता है

Atul Saxena
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Gwalior News : भारत में आज से नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं, भारतीय न्याय संहिता (BNS ) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) ये तीन कानूनों के आधार पर पुलिस थानों में अपराध पंजीबद्ध होना शुरू हो गई है, ग्वालियर में भी पड़ाव थाने की पहली FIR दर्ज की गई , इस मौके पर ग्वालियर डीआईजी मौजूद थी, पुलिस ने शहर के लोगों को नए कानूनों के फायदे भी बताये।

ग्वालियर के पुलिस थानों में आज नए आपराधिक कानूनों की जानकारी देने के लिए कई तरह के आयोजन किये जा रहे हैं , स्थानीय लोगों को नए कानून के तहत उन्हें मिलने वाले लाभ और अधिकार बताये जा रहे हैं, उन्हें बताया जा रहा है कि अब पुलिस जनता के प्रति और अधिक जवाबदेह होगी, जनता का सहयोग करेगी।

DIG की मौजूदगी में पड़ाव थाने में दर्ज हुई पहली FIR

पड़ाव थाने में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ग्वालियर डीआईजी श्रीमती कृष्णा वेणु देशावतु भी मौजूद थी उनके सामने ही मारपीट की फरियाद लेकर लड़का पहुंचा उन्होंने सामने खड़े होकर नए कानून के तहत पड़ाव थाने की पहली एफआईआर दर्ज करवाई, इस बार मारपीट की FIR नए कानून की नई धारा के तहत हुई।

व्हाट्स एप मैसेज, मोबाइल मैसेज, एक फोन कॉल से ही हो जाएगी FIR

उधर पड़ाव थाने की टी आई इला टंडन ने थाने पहुंचे बहुत से स्टूडेंट्स को बताया कि अब अदि आपके साथ कोई घटनाक्रम होता है तो थाने आने की जरुरत नहीं हैं आप सिर्फ एक कॉल कर दें या मैसेज कर दें उसे ही आपकी एफआईआर मान लिया जायेगा, उन्होंने कहा कि आपको थाने से डरने की जरुरत नहीं है, पुलिस की कार्य प्रणाली देखने के लिए भी आप थाने आ सकते हो।

अब नहीं लगाने पड़ेंगे पुलिस थाने के चक्कर : DIG 

पड़ाव थाने पर मीडिया से बात करते हुए ग्वालियर डीआईजी ने कहा कि मैं नए आपराधिक कानून लागू किये जाने पर सभी को शुभकामनाएं देती हूँ, अब लोगों को पुलिस थाने के चक्कर नहीं लगाने होंगे, वो एक व्हाट्स एप या फोन मैसेज से भी FIR करा सकता है, यदि कोई पीड़ित थाने आता है तो अब कोई थाना उसे लौटा नहीं सकता जीरो पर कायमी कर बाकी की पूरी कार्यवाही भी करेगा, उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के ज़माने के कानून बदल गए हैं नए कानून जनता के लाभ के लिए हैं।

नए कानून के तहत जिले की पहली FIR देर रात 12 बजे के बाद  हजीरा थाने में दर्ज की गई 

आपको बता दें कि नए कानून अज 1 जुलाई से लागू हो गए, रात को 12 बजे के बाद जैसे ही 1 जुलाई की तारीख आई पुलिस थानों में पुलिस एक्टिव हो गई, नए कानून के तहत ग्वालियर जिले की पहली एफ़आईआर हजीरा थाने में दर्ज की गई ये एक  बाइक चोरी की एफआईआर है इसमें भारतीय न्याय संहिता BN  303(2 एस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गए )

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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