Gwalior News: बाढ़ में बहे पुल पर गर्माई सियासत, कांग्रेस के दिग्गजों ने सरकार को घेरा

डॉ गोविंद सिंह ने बाढ़ में बहे पुलों का ब्यौरा देते हुए कहा कि जो पुल कांग्रेस के शासनकाल में बने वे तो बच गए लेकिन जो पुल भाजपा के शासन काल में बने वे पिछले दिनों आई बाढ़ में बह गए।

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ग्वालियर, अतुल सक्सेना। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार (MP Government) पर लंबे समय से हमलावर कांग्रेस, विधानसभा का मानसून सत्र (Monsoon Session Of MP Assembly) जल्दी खत्म किये जाने के बाद से आक्रोशित है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा कराने से डरती है। ग्वालियर में कांग्रेस के बड़े नेताओं ने संयुक्त रूप से बाढ़ में बहे पुलों (MP Flood) के बहाने भाजपा पर भ्रष्ट होने के आरोप लगाए।

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ग्वालियर में शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह (Former Minister Dr. Govind Singh) , प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत(Ram Niwas Rawat), विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार, विधायक सुरेश राजे, ग्वालियर जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश की शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा। विधानसभा का सत्र जल्दी समाप्त करने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर सदन में चर्चा करना नहीं चाहती, सरकार कोरोना और बाढ़ जैसे मुद्दों पर जवाब देने से मुँह चुरा रही है।

ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं  (MP Congress) ने कहा कि 18 अगस्त 2020 को शिवराज सरकार के कार्यकाल में महाधिवक्ता ने कोर्ट में लिखकर दिया था कि ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत ही रखा जाए 13 प्रतिशत वापस लिया जाता है।इस कारण ये निर्णय आया है यदि उसी समय सरकार ने ओबीसी के हितों का ध्यान रखा होता तो ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत होता।

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मुख्यमंत्री द्वारा 27 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने का विश्वास करने के सवाल पर रामनिवास रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने तो कोरोना मृतकों के परिजनों को भी 1-1 लाख रुपये देने की घोषणा की थी लेकिन किसी को नहीं दिये। वे घोषणाएं बहुत करते हैं अपने बयानों में संवेदनशीलता दिखाते हैं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता।

डॉ गोविंद सिंह ने बाढ़ में बहे पुलों का ब्यौरा देते हुए कहा कि जो पुल कांग्रेस के शासनकाल में बने वे तो बच गए लेकिन जो पुल भाजपा के शासन काल में बने वे पिछले दिनों आई बाढ़ में बह गए। उन्होंने भिंड , दतिया और शिवपुरी जिले के 7 पुलों की जानकारी देते हुए कहा कि जो पुल अर्जुन सिंह के कार्य काल में सिंध नदी पर बना मैदा घाट पुल और दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री काल में बना बहराइच पुल बच गया।

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उन्होंने भारी बारिश और बाढ़ झेल ली लेकिन रतन गढ़ माता के पास तीन साल पहले बना पुल बह गया, लांच का पुल बह गया इसके अलावा अन्य पुल भी बह गए, रामनिवास रावत ने कहा कि भाजपा के शासन में श्योपुर जिले में बने 6-7 पुल बह गए। जो इस बात का प्रमाण हैं कि इन पुलों में भ्रष्टाचार हुआ था और इसीलिए श्योपुर की जनता ने पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के सामने आक्रोश जताया था।