इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में इन दिनों श्री राम मंदिर निर्माण के लिये निधि समर्पण अभियान के तहत चन्दा दिया जा रहा है। हैरत की बात ये है कि राम भक्तों द्वारा अपने अंशदान के लिए कुछ ऐसा किया जा रहा है जो सबकी सोच से परे है। इंदौर के बेटमा ग्रामीण क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूरों ने एक अनूठा उदाहरण पेश किया है।

यहां राम मंदिर निर्माण के लिए न तो लाखों, करोड़ों रुपए का दान दिया गया और ना ही किसी ने बड़े दावे किए। दरअसल, बेटमा के 30 दिहाड़ी मजदूरों ने आस्था, भक्ति और समर्पण की मिसाल पेश कर अपनी एक दिन की कमाई प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए समर्पित की है। मजदूरों की भक्ति ने यह साबित कर दिया है कि समर्पण के लिए आपका धनवान होना जरूरी नहीं है बल्कि आपके मन मे प्रभु के प्रति सच्ची श्रद्धा और भक्ति ही काफी है

दरअसल, बेटमा के ग्राम मोथला के 30 मजदूरों ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी एक दिन की मेहनत प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित की है। मजदूरों की प्रभु के प्रति इस भावना की जानकारी जब बेटमा प्रवास पर पहुंचे इंदौर अर्चना संघ कार्यालय के वरिष्ठ प्रचारक प्रकाश सोलापुरकर को लगी तो वे इन राम भक्तों से मिलने मोथला पहुंचे और खेत पर जाकर इनका अभिनंदन किया। एक दिन की मजदूरी कर दान देने वाले मजदूरों के चेहरों की खुशी ये बताने के लिए काफी है कि उनके पसीने के कण कण में भगवान राम का आशीर्वाद है और वो श्रीराम के प्रति समर्पित है।