बिजली विभाग ने उड़ाए दंपत्ति के होश, खुलासा हुआ तो AE ने दो को किया सस्पेंड

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इंदौर| आकाश धोलपुरे| मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल जो करे वो नाकाफी है क्योंकि जब प्रदेश सरकार के नुमाइंदे ही परेशान है तो फिर आम आदमी के हालात का अंदाजा आप खुद ही लगा सकते है। दरअसल, एमपीईबी के मीटर रीडर और बिल सेक्शन इंचार्ज ने ऐसी गलती की कि दो लोगो की जान पर बन आई। जिस घर मे 200 से 300 रूपये प्रतिमाह बिल आता था उसी घर मे एक माह का बिल 3 लाख 40 हजार रुपए से अधिक आ गया।  विद्युत मण्डल की लापरवाही , बेहोंश हुई पत्नि और फिर पति के फ़ंक्ता हुए होंश,  300 रुपए प्रतिमाह का औसत बिल भरने वाले परिवार को सोमवार को मिल गया अचानक 3 लाख 40 हजार से अधिक का बिल फिर मामले में आया मोड़ कांग्रेस नेता वाहिद अली ने थामा परिवार का हाथ और विद्युत मण्डल के दो कर्मचारियों पर गिरी गाज।  

दरअसल, हम बात कर रहे है इंदौर के खजराना इलाके की इलियास कालोनी की जहां रहने वाले शफिक अहमद कुरैशी के घर अचानक 3 लाख 40 हजार रुपए का बिल आ गया। फिर क्या था पहले पत्नि बिल देखकर बेहोंश हुई उसके बाद पति के भी होंश उड़ गए। फिर क्या 9 बाय 46 के कमरों में रहने वाले पति पत्नी आंसू बहाने लगे। लेकिन जैसे ही इस बात का पता चला कि गलत बिल भेजा गया है तो उन्होंने पीड़ितों की मदद करने की ठान ली और सीधे जा पहुंचे खजराना स्थित बिजली विभाग के झोन पर जहां कांग्रेस नेता ने अफसरों को विभाग की गलतियां बताई। वही पीड़ित कुरेशी ने बताया कि किस तरह से उनके छोटे से आशियाने में बिजली का बिल लाखो रुपए थमा दिए गए। इधर, इस मामले में जब झोन इंचार्ज राकेश शाह से बात की गई तो उन्होंने गलती मानी और कहा कि मीटर रीडर और बिल इंस्पेक्टर की गलती से ये सब हुआ है और जांच के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया है। भले ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार हो लेकिन कर्मचारियों को अभी भी बीजेपी का नशा चढ़ा है जिसके चलते वे ऐसी गलतियां कर रहे है। ऐसें में दोषी कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जनता जनार्दन है और वो ऐसे कर्मचारियों पर नकेल कस सकती है।

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