इंदौर में नाबालिग का अपहरण के पीछे था ये राज, पुलिस नाबालिग को तकनीक के सहारे ढूंढने में रही कामयाब

पुलिस की माने तो तफ्तीश जारी है। इधर, नाबालिग की माँ ने कहा कि वो और उसका परिवार मजदूरी करता है और कल शाम को अचानक 5 लोग उसके घर पर आए और बच्चे को कार में बिठाकर ले गए थे।

इंदौर, आकाश धोलपुरे| इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के शिवालय में चौकीदारी करने वाली एक महिला के 17 साल के बच्चे को शनिवार शाम को कुछ लोग डरा कर घर से उठा ले गए। जिसके बाद दुर्गा चौहान नामक महिला ने बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। इधर, पुलिस को तफ्तीश में पता चला कि जिस नाबालिग लड़के का अपहरण हुआ है उसका चाचा किसी युवती को भगाकर ले गया है जिसके बाद बदले की भावना से नाबालिग को लोग उठाकर ले गए। हालांकि पुलिस ने तकनीक का इस्तेमाल कर बच्चे को कब्जे से छुड़ा लिया है। पुलिस की माने तो तफ्तीश जारी है। इधर, नाबालिग की माँ ने कहा कि वो और उसका परिवार मजदूरी करता है और कल शाम को अचानक 5 लोग उसके घर पर आए और बच्चे को कार में बिठाकर ले गए थे।

चाचा द्वारा दूसरी जाती की महिला को भगाकर ले जाने का खामियाजा उसके 17 वर्षीय भतीजे को भुगतान पड़ा। दरअसल महिला के परिजन नाबालिग बच्चे का अपहरण कर ले गए। सूचना मिलते ही राजेन्द्र नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अपहत बालक को धामनोद के पास से बरामद कर लिया हे। पुलिस अपहरणकर्ताओं को तलाश रही है।

दरअसल, पूरी घटना इंदौर के राजेन्द्र नगर क्षेत्र में रहने वाले 17 वर्षीय नाबालिग लड़के के साथ घटी जिसे कार में सवार होकर आए पांच लोग अपहरण कर ले गए थे। जिसकी शिकायत बच्चे के परिजनों ने थाने पर दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की। बच्चे के अपहरण के पीछे जो कहानी सामने आई, वो काफी दिलचस्प है। दरअसल अपहृत बालक का चाचा दिनेश चौहान किसी दूसरी जाति की महिला को प्रेम प्रसंग के चक्कर में भगा कर ले आया था। जिसके बाद महिला के परिजन इंदौर पहुंचे और दिनेश के घर जाकर महिला के बारे में पूछा और उसके भतीजे का अपहरण कर अपने साथ ले गए।

इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए राजेन्द्र नगर थाना पुलिस ने तकनीकी का उपयोग करते हुए अपहत बच्चे को धामनोद के पास से बरामद कर लिया। फिलहाल,राजेन्द्र नगर पुलिस बच्चे के अपहरणकर्ताओं की तलाश कर रही है।