इंदौर के देवी अहिल्या विश्विद्यालय और आर्मी कॉलेज महू के बीच स्थापित हुआ MOU, भविष्य की योजनाओं पर भी हुई चर्चा

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय और आर्मी वॉर कॉलेज महू के बीच MOU स्थापित हुई। जिससे संयुक्त शोध और अन्य आयामों को खोलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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Indore News: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर और आर्मी कॉलेज महू के बीच में 29 जनवरी को एक MOU स्थापित हुआ। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर की ओर से इस MOU पर कुलपति प्रो रेनू जैन और आर्मी वॉर कॉलेज की तरफ से लेफ़्टिनेंट जनरल डी पी पांडेय, कमांडेंट आर्मी वॉर कॉलेज महू ने हस्ताक्षर किये। MOU को क्रियान्वयन करने हेतु निदेशक IMS की ओर से प्रो. संगीता जैन तथा आर्मी वॉर कॉलेज की ओर से मेजर जनरल सारडा, डीन आर्मी वॉर कॉलेज महू ने MOU पर हस्ताक्षर किये।

कई आयामों को खोलने का मार्ग प्रशस्त करता है MOU

इस MOU के माध्यम से दोनों संस्थानों ने संयुक्त रूप से भारतीय सेना के विभिन्न स्तर के अफसरों के लिए अनेक अकादमिक कार्यक्रम शुरू करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। MOU फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध और अन्य कई आयामों को खोलने का मार्ग प्रशस्त करता है। इस अवसर पर हायर कमांड कोर्स करने के लिए आर्मी वॉर कॉलेज में आने वाले भारतीय सेना के अफसरों के लिए अकादमिक वर्ष 2024-2025 से MBA (Defense & Strategy ) प्रबंध अध्ययन संसथान द्वारा चलाया जाएगा। इस नए MBA तथा MOU को मूर्त रूप देने में प्रो. रजनीश जैन डीन प्रबंध संकाय की विशेष भूमिका रही है|

भविष्य की योजनाओं के बारे में हुई गहन चर्चा

MOU आर्मी वॉर कॉलेज परिसर में हस्ताक्षर किये गए तथा इस अवसर पर कर्नल परमिंदर चौहान, प्रो. चंदन गुप्ता, प्रो. कपिल शर्मा, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ अजय वर्मा तथा परीक्षा नियंत्रक प्रो. अशेष तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे| दोनों संस्थानों के प्रमुखों ने भविष्य की योजनाओ के बारे में गहन चर्चा की तथा उन्हें मूर्त रूप दिलाने की योजनाओं पर कार्य करने हेतु प्रो. संगीता जैन को विश्वविद्यालय की ओर से अधिकृत किया गया।

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इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट

 


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Shashank Baranwal

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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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