लाल पानी पर इंदौर में हुआ बवाल, अफसरों की जांच जारी

इंदौर। आकाश धौलपुरे। 

इंदौर में एक नदी का पानी लाल होने से ऐसा बवाल मचा की जनप्रतिनिधि के साथ ही अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई। बताया जा रहा है कि गंभीर नदी का पानी केमिकल डाले जाने से लाल हो गया और यह पानी यशवंत सागर बांध से करीब 20 किलोमीटर आगे कलारिया गांव में देखा गया। धीरे-धीरे यह पानी यशवंत सागर बांध तक पहुंच गया, जहां से पूरे इंदौर एवं आसपास के गांवों की आबादी को पानी मिलता है। इसकी सूचना जब इंदौर में बैठे अफसरों तक पहुंची तो हडक़ंप मच गया। अफसरों ने आनन-फानन में शहर की 2.22 लाख आबादी की जलापूर्ति रोक दी। उधर, नगर निगम ने कलारिया और आगे जांच के लिए टीम भेजने के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जानकारी दी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि पीथमपुर और कलारिया के बीच गंभीर नदी में कुछ नाले मिलते हैं। इनमें से किसी एक नाले में इंडस्ट्री का गंदा पानी टैंकर से छोडऩे पर पानी लाल हो गया है। निगम की टीम ने नदी किनारे होते हुए पीथमपुर की शुरुआती जगह तक जांच की तो वहां तक पूरा पानी लाल मिला। टीम पीथमपुर शहर से आ रहे पानी की जांच नहीं कर पाई, जबकि बोर्ड के मुताबिक पीथमपुर और कलारिया के बीच टैंकर से पानी नदी में छोडऩे से पानी का रंग खराब हो गया। ये पानी शाम ७ बजे तक यशवंत सागर से 7 किलोमीटर पहले कलमेर तक पहुंचा था। हालांकि इंदौर निगम के जलकार्य समिति के प्रभारी ने शहर में पानी की सप्लाय रोके जाने को लेकर माना कि लाल पानी के कारण सप्लाय नही रोकी गई है। वही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में प्रारम्भिक तौर पर पता चला है कि है पानी मे कोई भी केमिकल नही पाया गया है।