सख्ती: निगम के 11 कर्मचारियों की सेवा समाप्त, उपयंत्री समेत कइयों का वेतन काटा

इंदौर| नगर निगम के कर्मचारियों पर निगम आयुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है| काम में लापरवाही बरतने पर नगर निगम के ११ अस्थायी कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई| वहीं अन्य कर्मचारियों का वेतन काटा गया है| पिछले दिनों जब निगमायुक्त आशीष सिंह शहर में स्वच्छता अभियान के लिए दौरे पर निकले तो ड्यूटी से गायब मिले विद्युत विभाग के उपयंत्री विपुल सोनी का पांच दिन का वेतन काटा गया।

वायरलेस सेट पर जवाब नहीं देने पर वार्ड 75 के प्रभारी सहायक दरोगा प्रिंस विश्नार को कार्यमुक्त कर पारिश्रमिक भुगतान रोका गया। इसी तरह वार्ड 40 में सीटीपीटी अंतर्गत सार्वजनिक शौचालय में अव्यवस्था पाए जाने पर उपयंत्री परमेन्द्र चंद्रावत का तीन दिन का वेतन राजसात किया गया। वार्ड 75 में प्रभारी दरोगा लाल विश्नार का काम में लापरवाही पर 7 दिन का वेतन काटा गया। झोन 10 व 15 के अस्थायी वाहन चालक मोहम्मद इलियास और विमल जाट को कार्यमुक्त कर वेतन भुगतान पर रोक लगाई गई। 

इन पर भी गिरी गाज 

वार्ड 48 में सफाई ठीक से नहीं होने पर जोन 11 के सहायक मुख्य स्वच्छता निरीक्षक दिलीप लोधी व प्रभारी दरोगा देवेंद्र बागले का तीन दिन का वेतन राजसात किया गया। विद्युत विभाग के दरोगा रोहित तंवर व भूपेतकुमार पाल का वेतन ड्यूटी पर नहीं पहुंचने पर काटा गया। निरीक्षण के दौरान गायब रहने वाले दैनिक वेतनभोगी सुरेश, सूरज, धर्मेंद्र नाहर, अंकित संकट, शंकर, नवीन कंडारे, कपिल मुन्नालाल, सतीश, दीपक, शेखर, राहुल को कार्य-हाजिरी से मुक्त कर पारिश्रमिक भुगतान पर रोक लगाई गई।