5वें दिन भी मंडी कर्मचारियों की हड़ताल जारी, करोड़ों के राजस्व की हानि

इंदौर, आकाश धोलपुरे। जहां एक और मध्यप्रदेश में किसान फसलों के नुकसान को लेकर परेशान हैं वहीं दूसरी और कृषि उपज मंडियों में कर्मचारी, अधिकारी और हम्माल भी हलकान हैं। राज्य मे मंडी प्रशासन के मॉडल एक्ट का विरोध शुरू हो गया है और इसकी शुरुआत प्रदेश की सबसे बडी सब्जी मंडी चोइथराम से हुई थी। यही वजह है कि आर्थिक राजधानी इंदौर में मंडी के सभी कर्मचारी और संगठनों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। ऐसे में किसानों का माल मंडी में नहीं पहुंच पाएगा वहीं दूसरी ओर राज्य शासन को प्रतिदिन करोड़ों के राजस्व का नुकसान भी होगा। मंडी कर्मचारियों का सीधे तौर पर कहना है कि उन्हें या तो मंडी में शासकीय कर्मचारी घोषित कर दिया जाए और उन्हें राज्य शासन द्वारा दिए जाने वाले समस्त भत्ते मिले ये सुनिश्चित कर दें नहीं तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी।

मंडी सचिव हेमेश मुनिया ने बताया कि मंडी कर्मचारियों के साथ-साथ हम्माल तुलाई संघ व्यापारी और किसान भी हमारे साथ है क्योंकि मॉडल एक्ट लागू होने के बाद में कर्मचारियों के वेतन भत्ते लागू नहीं रहेंगे वहीं दूसरी ओर व्यापारी और किसानों के साथ में भी बड़ी परेशानियां रहेगी। इधर, एक साथ मंडी बोर्ड के मॉडल एक्ट का विरोध शुरू किया गया है जो आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा ऐसे में प्रदेश सरकार को राजस्व की हानि होगी क्योंकि अभी भी मंडी में लगभग आवक आधी से भी हो रही है। दरअसल, विरोध की वजह ये है कि मंडी के मॉडल एक्ट के लागू होने के बाद उपमंडिया खुल जाएगी जिसका संचालन निजी कंपनियां करेगी ऐसे में मंडी अधिकारियों और कर्मचारियों के पास ताकत सीमित हो जाएगी वही सरकारी मंडियों के बजाय किसान उपमंडियो में जाना पसंद करेगा जिससे वर्षो से व्यापार कर रहे व्यापारियों के लिए भी मुश्किलें खड़ी हो जाएगी।

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