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इंदौर में आवारा बदमाशों का आतंक, कमिश्नर प्रणाली लागू लेकिन रहवासी पुलिस व्यवस्था से नाखुश, पुलिस चौकी की मांग को लेकर हंगामा।

Written by:Amit Sengar
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इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भले ही पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू हो गई हो वही सख्त कानून व्यवस्था के दावे भी किये जा रहे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। दरअसल, इंदौर के एक इलाके में बदमाशों का आतंक इतना है कि हर कोई खौंफजदा है। प्रभावित इलाके के रहवासियों ने आज एकत्रित होकर कानून व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा मचाया। एक दिन पहले इस इलाके में आवारा बदमाशो ने क्षेत्रीय रहवासियों से विवाद कर पत्थरबाजी भी की थी। जिसके बाद इलाके के लोग अब पुलिस चौकी की माँग कर कह रहे है कि 24 घण्टे क्षेत्र में पुलिस तैनात रहे।

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दरअसल, विवाद और हंगामे का ये पूरा मामला बुधवार का है जब इंदौर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र के रामबली नगर में रहवासी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और बढ़ते अपराधों का विरोध जताने के साथ ही बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर हंगामा मचाने लगे। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने रहवासियों को समझाइश दी लेकिन वो नही माने और तुरंत पुलिस चौकी शुरू करने की मांग करने लगे आखिर में जब मल्हारगंज थाना प्रभारी राहुल शर्मा मौके पर पहुंचे तो उन्होंने लोगो के गुस्से को शांत किया। क्षेत्र की महिलाओं की माने तो उनके क्षेत्र में बाहरी इलाको से आवारा बदमाश आते है जो न सिर्फ महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते है बल्कि बच्चों को पावडर जैसे नशे का स्वाद चखाकर उन्हें नशे का आदि बना रहे है। इधर रहवासियों की माने तो एक दिन पहले ही बदमाशों ने उनके इलाके में लोगो से विवाद कर पत्थरबाजी भी की।

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इधर, मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि लोगो की शिकायत के आधार पर बदमाशों पर कार्रवाई की जा रही है वही पुलिस चौकी की मांग के संदर्भ में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा। लोगो का सड़क पर उतरकर हंगामा करना ये साफ कर रहा है पुलिस कमिश्नर प्रणाली के लागू होने का कोई खौंफ बदमाशो में नही है और ये ही वजह है इस तरह से लोगो को सड़क पर उतरकर अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए मांग कर रहे है।

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लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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