Cyber fraud: एनीडेस्क ऐप के जरिए ठगों ने स्टेशन मास्टर के खाते से निकाले 4 लाख

हालांकि इस दौरान सायबर पुलिस (cyber police) ने त्वरित कार्यवाही कर पीड़ित के एक लाख रुपए जरूर बचा लिये और खाते सीज कर दिए। साइबर पुलिस लगभग आरोपियों के गिरेबां तक पहुंच चुकी है और बाकी के पैसों की वसूली उन्हें गिरफ्तार करने के बाद होने की तैयारी है।

संदीप कुमार, जबलपुर। ऑनलाइन ठगी (online fraud) का मकड़जाल लगातार बढ़ता ही जा रहा है, जिसमें फंसाकर शातिर आरोपी (accused) एक ही पल में खातो (account) से पैसे गायब कर देते है। ताजा मामला पनागर थाना क्षेत्र का है, जहां ठगों ने स्टेशन मास्टर (station master) के खाते से चार लाख 24 हजार 997 रुपए ऑनलाइन तरीके से पार कर दिए। हालांकि इस दौरान सायबर पुलिस (cyber police) ने त्वरित कार्यवाही कर पीड़ित के एक लाख रुपए जरूर बचा लिये और खाते सीज कर दिए। साइबर पुलिस लगभग आरोपियों के गिरेबां तक पहुंच चुकी है और बाकी के पैसों की वसूली उन्हें गिरफ्तार करने के बाद होने की तैयारी है।

मुकेश चौरसिया रामनगर निवासी देवरी में स्टेशन मास्टर हैं। 23 फरवरी को आईडीएफसी के एलटीआईबी ब्रांड के मैच्योरिटी भुगतान को समझने गूगल पर नंबर ढूंढ रहे थे। उनकी बात नोएडा के किसी राहुल मल्होत्रा से हुई। आरोपी ने झांसे में फंसाते हुए कहा कि नेटवर्क की समस्या है। फिर मोबाइल नंबर से संपर्क कर एनीडेस्क ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद नेटवर्किंग के माध्यम से आधार नंबर, पेन नंबर, यूजर आईडी, पासवर्ड डलवाया और पैसे निकाल लिए।

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एक लाख आ गए वापस, दो खातों को किया सीज
स्टेशन मास्टर ने अपने साथ हुई ठगी की सूचना सायबर सेल को दी जिसके बाद एक लाख रुपए वापस आ गए। शेष रकम आरोपी अपने खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर कर निकाल चुका था। पनागर थाना प्रभारी आरके सोनी ने बताया कि पीडि़त के बाकी पैसे भी वापिस लाने की प्रक्रिया चल रही है। आरोपियों को पकड़ने टीम जबलपुर से नोयडा भेजी जाएगी।