बिना कर्ज लिए किसान बन गए कर्जदार, बैंक का नोटिस आया तो उड़ गई नींद

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जबलपुर|  किसानों के दम पर मध्यप्रदेश में सरकार बनाने वाली कांग्रेस के राज में भी किसानों का परेशान होना बदस्तूर जारी है। जिले के चरगवां में पाँच ऐसे किसानों को यूनियन बैंक गोपालबाग ने 30 लाख के कर्ज का नोटिस दे दिया जिन्होंने कभी न ही उस बैंक की शक्ल देखी और न ही उस बैंक में उन किसानों का खाता है। अचानक से 30 लाख के कर्ज का नोटिस पाकर किसान अब सदमे में है। इधर कलेक्टर ने इस पूरे मामले के लिए एसडीएम को जाँच के निर्देश दिए है। 

चरगवां-शहपुरा में रहने वाले पांच किसान देवी पटेल,अमर सिंह,महाराज सिंह,कैलाश जैन और झुंन्नी बाई इन किसानों को यूनियन बैंक ने 30 लाख के लोन का नोटिस भेजा है।किसानों की माने तो न ही उन्होंने कभी इस बैंक से कर्ज लिया है और न ही उस बैंक में उनका खाता है ऐसे में बैंक के द्वारा नोटिस देना सरासर अन्याय है।लिहाजा किसानों ने जिला प्रशासन से मदद के लिए गुहार लगाई है।किसान देवी पटेल बताते है कि यूनियन बैंक कहाँ पर है हम जानते ही नही जबकि इस बैंक में हमारा खाता भी नही है इसके बाद कर्ज का नोटिस क्यो दिया ये समझ से परे है।जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री कर्ज माफी योजना के तहत फर्जी तरीके से नोटिस भेज कर बैंक प्रबंधन बड़ा घोटाला करने के जुगाड़ में है।इधर ई टीवी भारत ने कलेक्टर छवि भारद्वाज को इस फर्जीवाड़े से जब अवगत करवाया तो उन्होंने एसडीएम को इस पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए है।कलेक्टर का कहना है कि जांच के बाद ही ये स्पष्ट हो पायेगा की इसमे कहा और किसकी गलतीं है।