राज्य महिला आयोग के सदस्यों के निष्कासन को चुनौती, HC ने सरकार को दिए यथास्तिथि के आदेश

जबलपुर| संदीप कुमार| राज्य महिला आयोग की सदस्य रही जमुना मरावी और संगीता शर्मा ने पद से अपने निष्कासन को हाईकोर्ट मे चुनौती दी है। दोनो ही सदस्यो ने उनके निष्कासन को गलत ठहराते हुए उसे रदद् करने की मांग की है| बुधवार को इस मामले मे हुई सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने तात्कालिक राहत न देते हुए पद पर यथास्थिति के आदेश को पारित किया है । इस आदेश के बाद मध्यप्रदेश सरकार अब इन पदो पर तब तक कोई नई नियुक्ति नही कर सकती जबतक न्यायालय इन याचिकाओ पर अपना फैसला नही सुना देती ।

गौरतलब है कि कल अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष आनंद अहिरवार की याचिका पर भी हाईकोर्ट ने कुछ इस तरह का आदेश पारित किया था । स्पष्ट है कि कमलनाथ सरकार ने जाते जाते चार प्रमुख आयोगो के अलग अलग पदो पर आनन फानन मे नियुक्तियाॅ कर दी थी| जिन्हे शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने सत्ता मे आते ही निरस्त कर दिया। संवैधानिक पदो पर हुई नियुक्तियो के निष्कासन के लिए कानूनन तौर पर बिना नियमो का पालन किए पद से अध्यक्ष समेत सदस्यो को अलग कर दिया गया| इन दलीलो के साथ करीब आधा दर्जन याचिकाए न्यायालय की दहलीज़ पर अब तक पहुॅच गई है।

बता दें कि अब तक प्रदेश के प्रमुख आयोग जिनमे राज्य महिला अयोग, युवा आयोग, अनुसूचित जाति आयोग , अनुसूचित जनजाति आयोग पर हुई नियुक्तियाॅ और फिर निरस्तगी कानूनी दांवपेंच मे फंसी है। कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) ने संवैधानिक पदो पर काबिज़ हुए अध्यक्ष और सदस्यो को जहाॅ राहत की उम्मीद है वही प्रदेश सरकार कानूनन कार्यवाही पूरी होने तक किसी भी आयोग के पदो पर नई नियुक्ति फिलहाल नही कर सकती है।