जबलपुर- गैंगरीन से माँ की मौत, शव छोड़कर बेटे- बेटियाँ भागे, इनायत अली ने किया अंतिम संस्कार

मृतक महिला के पति भारतीय सेना में थे, उनका निधन हो चुका है, वही महिला की तबीयत बिगड़ी तो बेटी उसे अस्पताल में भर्ती करवाकर अपने ससुराल पंजाब चली गई। माँ की मौत होने पर जब बेटियों और बेटे को फोन किया गया तो उन्होंने आने से इंकार कर दिया।

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जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट।  3 बेटियां और 1 बेटा होने के बावजूद मां का शव लावारिसों की तरह अंतिम संस्कार की बाट जोहता रहा, जब देर तक मृतक महिला के बेटे और बेटियाँ मौके पर नहीं पहुंचे तो उनका अंतिम संस्कार एक संस्था को करना पड़ा। बताया जा रहा है कि मृतक महिला के पति भारतीय सेना में थे, उनका निधन हो चुका है, वही महिला की तबीयत बिगड़ी तो बेटी उसे अस्पताल में भर्ती करवाकर अपने ससुराल पंजाब चली गई। माँ की मौत होने पर जब बेटियों और बेटे को फोन किया गया तो उन्होंने आने से इंकार कर दिया।

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बताया जा रहा है कि 2 महीने पहले पूनम कौर अपनी मां रुक्मणी कौर को साथ लेकर होशंगाबाद आई थी। तबीयत बिगड़ी तो बेटी ने जबलपुर के आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया। आर्मी हॉस्पिटल में जांच के बाद पता चला कि रुक्मणी को गैंगरीन है, जिसका इलाज यहां संभव नहीं है। पूनम ने मां को जबलपुर के जिला अस्पताल में भर्ती करवा दिया। इलाज के दौरान मां की मौत हो गई। इसके बाद बेटी शव को छोड़कर चुपचाप अपने ससुराल पंजाब लौट गई। महिला के अंतिम संस्कार के लिए जब परिजनों की तलाश की गई तो कोई भी आने के लिए तैयार नहीं हुआ।

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अस्पताल प्रबंधन ने मृतिका के अंतिम संस्कार के लिए जबलपुर आने को कहा तो बेटी का जवाब सुनकर हैरान रह गए, बेटी ने कहा कि पंजाब तक शव लेकर जाने में 50 हजार का खर्च आता, इसीलिए शव को छोड़कर अकेले पंजाब चली आई। उसने अन्य रिश्तेदारों का नंबर दिया और आने से मना कर दिया। दूसरे रिश्तेदारों ने भी काम का बहाना बना दिया। महिला के शव का जब कोई भी परिजन अंतिम संस्कार करने नहीं पहुंचा तो फिर जबलपुर की गरीब नवाज कमेटी के इनायत अली को बुलाया गया। उन्होंने-हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया। गरीब नवाज कमेटी के इनायत अली लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करते है, जबलपुर में लोग उन्हे मसीहा कहकर बुलाते है।

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