MP के इस जिले में हुई 10 हजार क्विंटल खराब गेहूं की खरीदी, जांच में बड़ा खुलासा

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कटनी। वंदना तिवारी। 

मध्य प्रदेश के कटनी में गेहूं खरीबी में बड़े पैमाने पर घोटाले की खबर सामने आई है। यहां करीब दस हज़ार क्विंटल अमानक गेहूं खरीदी कर सरकार को करोड़ों की चपत लगाई गई है। इस बात का खुलासा चार अफसरों की एक टीम ने किया है।  सूचना पर खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम और खाद्य सुरक्षा प्रशासन एवं औषधि विभाग के अधिकारी जांच के लिए पहुंचे। 

दरअसल, टीम के अमानक गेहूं के भंडारण की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर वह टीम बनाकर जांच करने केजी चौदहा वेयर हाउस कुठला पहुंचे थे।  सूचना पर खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम और खाद्य सुरक्षा प्रशासन एवं औषधि विभाग के अधिकारी जांच के लिए पहुंचे। जब अधिकारियों ने यहां रखी गेहूं की बोरी में परखी लगाई तो उनके होश उड़ गए। वेयर हाउस के बाहर करीब एक हज़ार से अधिक बोरियों में अमानक गेहूं पाया गया। दूसरी ओर जैसे ही टीम जांच के लिए पहुंची तो वहां से केंद्र प्रभारी ओमप्रकाश दुबे व समिति प्रबंधक चंद्रभूषण तिवारी गायब हो हो गए हैं। बताया जा रहा है दोनों ���े ही अपने फोन भी बंद कर लिए। जिस कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका। 

कटनी के कुठला में बनाया गया है केंद्र

कुठला केंद्र पर 780 किसानों से 56 हजार 474 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। इसमें से 43 हजार 913 क्विंटल गेहूं भंडारित किया जा चुका है। बताया जा रहा है सरकार ने यहां 10 करोड़ 39 लाख रुपये का गेहूं की खरीदी की है। वेयर हाउस के बाहर रखा 1200 बोरियों में रखा गेहूं अमानक है। वहीं, दस हज़ार करोड़ खर्च कर जो गेहूं खरीदा गया है वह भी अमानल स्तर का बताया जा रहा है। 

ये अधिकारी जांच में रहे शामिल

केजी चौदहा वेयर हाउस और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कुठला में अमानक गेहूं की जांच के दौरान चार विभागों के अधिकारी शामिल रहे। इसमें प्रभारी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी व सहायक आपूर्ति अधिकारी रविकांत ठाकुर, वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक केडी सिंह, जेएसओ जितेंद्र बर्मन, खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन विभाग से फूड इंस्पेक्टर डीके दुबे, संजय गुप्ता सहित नागरिक आपूर्ति निगम से गुणवत्ता जांच अधिकारी एसएल द्विवेदी हैं।