कोरोना काल में ओंकारेश्वर पुलिस का दोहरा मापदण्ड, गरीब पर रोक और रसूखदार कर रहे दर्शन

जहां एक और ओंकारेश्वर में अस्थि विसर्जन के लिए गरीब वर्ग के लोगों को ओंकारेश्वर बस स्टैंड पर ही रोक दिया जा रहा है, वहीं रसूखदारों पर कोई सख्ती नहीं दिखाई दे रही हैं।

खण्डवा, सुशील विधानी। कोरोना संक्रमण (Covid-19) की रोकथाम के लिए सरकार और प्रशासन के द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिसको लेकर प्रदेश भर के जिलों में कोरोना कर्फ्यू (Corona Curfew) लगाया गया है। इसी कड़ी में खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर (Omkareshwar) में बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन बावजूद इसके ओंकारेश्वर में आवागमन बंद नहीं हो पाया है। जहां रसूखदार यहां दर्शन करने आ रहे हैं, तो वहीं ओंकारेश्वर में अस्थि विसर्जन के लिए गरिब वर्ग के लोगों को ओंकारेश्वर बस स्टैंड पर ही रोक दिया जा रहा है।

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ओंकारेश्वर में रोजाना गौमुख घाट पर अस्थियों के विसर्जन के लिए रोजाना 20-25 लोग बाहर से आ रहे हैं। इन पर निगरानी रखने के लिए प्रशासन ने पंचायत एवं थाना प्रभारी को जिम्मेदारी तो सौंपी है। लेकिन इसके बावजूद चैक पोस्ट से नगर में प्रवेश कर रहे हैं। पड़ोसी जिलाखरगोन जिला सहित बाहरी लोगों का ओंकारेश्वर में प्रतिदिन आवागमन का सिलसिला थमा नहीं है। कुछ क्षेत्रीय नेता फोन लगवाकर तो कुछ रसूखदार चेक पोस्ट पर उपस्थित पुलिसकर्मीयों से सेटिंग कर आ रहे हैं। वहीं कोरोनो काल मे मृत परिजनों की अस्थियों को लेकर गरिब वर्ग मजबूरी के सफर में ओंकारेश्वर अस्थि विसर्जन के लिये जान को जोखिम उठा रहे हैं, और उनकी आवाजाही से ओंकारेश्वर में कोरोना का खतरा भी बढ़ रहा है।

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जिले के थाना मांधाता अंतर्गत ग्राम पंचायत कोठी में स्थित कुछ होटल गेस्ट हाऊस संचालकों द्वारा कलेक्टर के आदेशों को दरकिनार कर बाहरी लोगों को ठहरने के लिये कमरे उपलब्ध कराये जा रहे हैं। एसपी विवेक सिंह ने कहा कि नियम सभी के लिये एक समान हैं। ओंकारेश्वर में नर्मदा में अस्थियां विसर्जन करने पर प्रतिबंध लगा हुआ है, अगर नियमों का पालन करवाने में लापरवाही हो रही है तो इसकी जांच करवाई जाएगी।