मप्र: आखरी दौर में कांग्रेस को भी सता रहा वास्तु का डर, दिशा के हिसाब से बनवाया राहुल का मंच

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खरगोन।

इन दिनों मप्र में राजनैतिक दलों को वास्तु का डर जमकर सता रहा है। नेता भी इसका शिकार होने से बच नही पा रहे है, इसी के चलते मंच और सभास्थल की दिशाओं का ध्यान रख रहे है। हाल ही में वास्तुदोष के चलते ग्वालियर में पीएम नरेन्द्र मोदी की सभा में मंच की दिशा ही बदली गई थी और अब राहुल गांधी के मंच को वास्तुशास्त्र के हिसाब से उत्तर दिशा की ओर बनाया गया है।कांग्रेस को डर है कही मंच की गलत दिशा चुनाव पर विपरित परिणाम ना डाल दे।

दरअसल, 19 मई को मालवा-निमाड़ में चुनाव होना है।इसी के चलते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को चुनाव प्रचार के सिलसिले में मध्यप्रदेश आ रहे हैं। वह सबसे पहले शुजालपुर, फिर धार जिले के अमझेरा और आखिरी में खरगोन में जनसभा को संबोधित करेंगे। राहुल गांधी खरगोन के कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. गोविंद मुजाल्दा के समर्थन में भी सभा करेंगे। खरगोन में उनकी सभा के लिए खास मंच तैयार किया गया है। लोगों के बैठने के लिए पानी के फव्वारे वाला विशाल पंडाल बनाया गया है। ख़ास बात ये भी है, कि राहुल गांधी इस बार भी वास्तुशास्त्र के हिसाब से उत्तर दिशा की ओर बनाए गए मंच से लोगों को संबोधित करेंगे। सुत्रों की माने तो विधानसभा में हार के बाद कांग्रेस लोकसभा में कोई रिस्क नही लेना चाहती, इसलिए हर बात का खास ध्यान रखा गया है।

वही सुरक्षा को लेक भी पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं।  राहुल के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ भी मंच साझा करेंगे।   हालांकि यह राहुल का महिने में दूसरा दौरा है। फिलहाल इन तीनों ही सीटों पर भाजपा का कब्जा है।भाजपा ने इस बार खरगोन से सुभाष पटेल की जगह गजेंद्र पटेल को मौका दिया है।आखरी दौर के चलते कांग्रेस का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। कांग्रेस हर हाल में इन सीटों पर विजयी पाना चाहती है, इसलिए एडी से चोटी तक का जोर लगा रही है।यही कारण के कि दो दिन बाद 13  मई को कांग्रेस प्रियंका गांधी का भी दौरा करवा रही है। राहुल और प्रियंका की नजर इस बार मालवा -निमाड़ की सभी सीटों पर बनी हुई है, जिसके चलते हर बात का ख्याल रखा जा रहा है।

बता दे कि बीते दिनों जब पीएम मोदी ग्वालियर दौरे पर पहंचे थे तो उनके सभास्थल की दिशा को बदला गया था।बीजेपी को डर था कि कहीं दिशा दोष लोकसभा चुनाव में पार्टी की दिशा ना बदल दे,चुंकी विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को ग्वालियर चंबल में करारी हार मिली थी।कुछ इसी तरह का डर अब कांग्रेस को सताने लगा है, क्योंकि विधानसभा के दौरान मालवा निमाड़ में कांग्रेस कमजोर हुई थी।