शिक्षक से रिश्वत ले रहा था सरकारी डॉक्टर, लोकायुक्त ने रंगेहाथों पकड़ा

मंडला| मध्य प्रदेश के मंडला में जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने एक सरकारी डॉक्टर को रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है| डॉक्टर के साथ ही टीम ने उसके सहयोगी को भी पकड़ा है| शिक्षक से फिटनेस प्रमाण प्रमाण पत्र के नाम पर रिश्वत ली जा रही थी, इसकी शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची जिसके बाद बुधवार को डॉक्टरों को रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया है| 

लोकायक्त जबलपुर ने जिला अस्पताल में आर्थाेपेडिक स्पेशलिस्ट डाक्टर महेन्द्र कुमार को आज बुधवार को उस वक्त पकड़ा है, जब फिटनेस प्रमाण पत्र देने के लिए 5 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था, लोकायुक्त की टीम ने डाक्टर महेन्द्र कुमार तेजा के सहयोगी को भी पकड़ा है, जिसके माध्यम से डाक्टर तेजा रिश्वत लेता रहा|   लोकायुक्त डीएसपी जेपी वर्मा ने बताया कि प्राथमिक शाला पाखा टोला उमरिया में पदस्थ शिक्षक रामकुमार भरतिया को ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र चाहिए था| इसके लिए रामकुमार ने जिला अस्पताल में आर्थाेपेडिक स्पेशलिस्ट डाक्टर महेन्द्र कुमार तेजा से संपर्क किया, जिन्होने रामकुमार को फिटनेस प्रमाण पत्र देने के बदले 17 हजार 5 सौ रुपए की रिश्वत मांगी| रामकुमार ने पहले तो रुपए देने से मना किया, जिसपर डाक्टर तेजा ने प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया था| 

रिश्वत की पहली किश्त लेते धराया डॉक्टर 

डॉक्टर द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत रामकुमार ने लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा से की, इसके बाद उसने डाक्टर तेजा से किश्त में रुपए देने की बात की, डाक्टर महेन्द्र कुमार तेजा तैयार हो गए|  रिश्वत की पहली किश्त पांच हजार रुपए लेकर रामकुमार भरतरिया दोपहर के वक्त डाक्टर महेन्द्र कुमार तेजा के रोजगार कार्यालय के समीप स्थित निजी क्लीनिक पहुंचा, जहां पर डाक्टर तेजा ने अपने यहां काम करने वाले मनोज कुमार विश्वास को रुपए देने के लिए कहा| इसके बाद रामकुमार से लिए गए रुपए मनोज ने लेकर डाक्टर तेजा को जैसे ही दिए लोकायुक्त टीम ने डॉक्टर को रंगेहाथ पकड़ लिया|