सागर में ऑनलाइन गेम ने बच्चे को पहुंचाया हॉस्पिटल, Free Fire खेलने से बिगड़ा मानसिक संतुलन

परिजनों ने बताया कि उसे कुछ भी बोलो और कुछ भी चीज दो तो वह यह कहता है कि वह बेकार है क्योंकि उसमें गेम नहीं है।

Sagar News

सागर, डेस्क रिपोर्ट। अभी तक आपने ऑनलाइन गेम (Online Games) से लोगों की जान जाने की खबर सुनी होंगी, लेकिन मध्य प्रदेश (MP) के सागर जिले (Sagar District) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन गेम फ्री फायर (Free Fire) खेलते-खेलते एक नाबालिग का मानसिक संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों का कहना है कि अगर वह दवा से ठीक नहीं हो पाता है, तो उसे आगे रेफर किया जाएगा।

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कोल्ड ड्रिंक की बॉटल को बोला बेकार है क्योकि इसमें गेम नहीं चलता
जानकारी के अनुसार नाबालिग जिले के मालथौन क्षेत्र का निवासी है। नाबालिक के परिवार वालों ने बताया कि वाह रात भर जाग कर फ्री फायर (Garena Free Fire) खेला करता था, जिसके बाद शनिवार को जब उसे पीने के लिए कोल्ड ड्रिंक दी गई तो उसने बोतल को देख कर कहा कि इसमें गेम नहीं खेल सकता, यह मेरी काम की नहीं है और इसी प्रकार से वह कई अजीबोगरीब हरकतें करने लगा।

गेम के पीछे भूला खाना-पीना
पहले तो परिवार वालों को लगा कि उनका बेटा मजाक कर रहा है, लेकिन जब शनिवार रात उसे खाना दिया गया तो उसने यह कह कर खाना नहीं खाया कि इसमें गेम नहीं है। वहीं जब नाबालिक ने खाना नहीं खाया तो घरवाले चौंक गए, जिसके बाद परिवार वाले आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों ने डॉक्टर को बताया कि नाबालिक को ऑनलाइन गेम खेलने का काफी शौक है और वह दिन रात गेम खेलता रहता था। गेम के चक्कर में ना तो उसे खाने-पीने का होश रहता था और ना ही खुद का। उसे कुछ भी बोलो और कुछ भी चीज दो तो वह यह कहता है कि वह बेकार है क्योंकि उसमें गेम नहीं है। नाबालिग की मां का रो-रो कर बुरा हाल है।

सागर में ऑनलाइन गेम ने बच्चे को पहुंचाया हॉस्पिटल, Free Fire खेलने से बिगड़ा मानसिक संतुलन

हॉस्पिटल में मौजूद डॉक्टर ने बताया कि लोहरिया समुदाय के एक 17 वर्षीय बालक को उसके परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे हैं। परिजनों का कहना है कि उसे पब्जी (PUBG) और फ्री फायर (FREE FIRE) खेलने की लत थी। काफी दिनों से वह सोया नहीं है और ऑनलाइन गेम खेलता रहता था। डॉक्टर ने आगे बताया कि फिलहाल उसे नींद की दवाई दी गई है जिससे कि उसकी नींद पूरी हो सके और अगर फिर भी उसकी हालत में सुधार नहीं आता है तो उसे इलाज के लिए रेफर किया जाएगा।

बच्चों को ऑनलाइन गेम से संबंधित दें पूरी जानकारी
अगर आपके बच्चे भी ऑनलाइन गेम के शौकीन है या उन्हें इस प्रकार के गेम खेलने की लत है तो आपको अपने बच्चों की गतिविधियों और निम्न बातों का पर ध्यान रखना जरूरी है।

•अपने बच्चों को ऑनलाइन गेम से होने वाले साइड इफेक्ट बताएं।
•अपने बैंक अकाउंट की जानकारी बच्चों से दूर रखें।
•अपने बच्चों के साथ समय बिताएं।
• बच्चों को आउटडोर गेम्स के लिए प्रेरित करें और उन्हें उनके फायदे बताएं
• ऑनलाइन गेम के अलावा अपने बच्चों की सूची जाने और उस हिसाब से उन्हें उसकी क्लासेज दें।
•बच्चों को प्लांटिंग से लेकर घर के कामों में मदद कराने के लिए करें जिससे कि उनका ऑनलाइन गेम्स की तरफ ध्यान कम हो

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