जिला अस्पताल के हाल बेहाल, कचरे से भरे डस्टबिन खाली नहीं होते तो चादरे रहती हैं मैली

जिला अस्पताल में कई तरह की समस्या देखने को मिल रही है। शनिवार को अस्पताल की व्यवस्थाएं देखी तो हर जगह वार्ड में साफ-सफाई का अभाव दिखाई दिया। यही नहीं इस भीषण गर्मी में पीने का पानी के लिए भी दूसरी मंजिल तक जाना होता है।

सीहोर, अनुराग शर्मा। सीहोर में गर्मी बढ़ते ही जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है, पर यहां पर व्यवस्थाएं मरीजों और अटेंडरों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। हालात यह हैं कि किसी जगह साफ सफाई ठीक ढंग से नहीं हो रही है तो कहीं वार्डो में मरीजों के पलंग को से चादर गायब है।

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मरीजों को यहां पहली और दूसरी मंजिल तक जाने के लिए लिफ्ट तो लगी है लेकिन यहां भी बंद है। पूछताछ के लिए हेल्प डेस्क तो बना दी है लेकिन यहां पर कर्मचारियों ही नहीं रहते। जिला अस्पताल में कई तरह की समस्या देखने को मिल रही है। शनिवार को अस्पताल की व्यवस्थाएं देखी तो हर जगह वार्ड में साफ-सफाई का अभाव दिखाई दिया। यही नहीं इस भीषण गर्मी में पीने का पानी के लिए भी दूसरी मंजिल तक जाना होता है।

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ओपीडी में प्रतिदिन करीब 700 मरीज आ रहे हैं। इनमें से अधिक मरीज पेट दर्द उल्टी दस्त और बुखार के आ रहे हैं। वार्ड में कहीं पर कचरा पड़ा हुआ था तो कहीं पर कई डस्टबिन कचरे से भरी हुई थी लेकिन इन्हें खाली नहीं किया गया था। इस कारण कचरा बाहर पड़ा था।

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इसी तरह महिला वार्ड में दीवार पर आरो तो लगा हुआ है लेकिन बंद पड़ा है। अस्पताल में मरीजों की दीव्यागो और वृद्धों के लिए ऊपरी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट लगी है लेकिन वह बंद है। मरीजों और उनके साथ आए परिजनों के लिए दूसरी मंजिल पर प्रतिक्षालय कक्ष बनाया गया लेकिन उसके बंद रहने से आम लोगों से लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। जिसकी आए दिन मरीज शिकायत कर रहे, पर उसकी भी सुनवाई नहीं है।