भले ही थम गया हो जिंदगी का सफर, मगर नही रुक रही आंसुओं की रफ्तार….

जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत को याद कर उन्हे जानने वालों के आँसू थमने का नाम नहीं ले रहे, मधुलिका रावत के स्कूल में किया गया उन्हे याद

शहडोल, डेस्क रिपोर्ट। CDS जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत की जिंदगी का सफर थम चुका है, लेकिन उन्हें जानने वाले अभी भी उन्हें याद कर अपने आंसुओ को नही रोक पा रहे है, कुछ ऐसा ही हाल शहडोल के उस स्कूल का है जहां मधुलिका रावत ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की, देश के पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत की पत्नी मधूलिका रावत ने जिस सरस्वती स्कूल में अपनी प्रारंभिक पढ़ाई की उस स्कूल के शिक्षकों एवं बच्चों की आंखें गुरुवार को उस समय नम हो गईं जब वे शोकसभा में दो मिनट का मौन धारण कर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे थे।

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सन 1968 से लेकर 1971 तक मधुलिका रावत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शहडोल के इसी सरस्वती स्कूल से पूरी की। उस समय यह स्कूल योगेंद्र चतुर्वेदी के मकान में लगा करता था। पांडवनगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर प्रांगण में जब सुबह प्रार्थना के समय शोक सभा आयोजित की गई, तो इस सभा में शामिल हर आंख नम हो गई। शोकसभा में देश के पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत एवं उनकी पत्नी मधुलिका रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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सरस्वती स्कूल के प्राचार्य ने बताया कि राजकुमारी मधुलिका सिंह शहडोल नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में 1968 से 1971 तक अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। उस समय सरस्वती शिशु मंदिर जेल बिल्डिंग के सामने स्वर्गीय केशव प्रसाद चतुर्वेदी के मकान में संचालित था। सरस्वती शिशु मंदिर शहडोल की पूर्व छात्रा मधुलिका सिंह की आकस्मिक मृत्यु से विद्याभारती परिवार बेहद दुखी है। सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र छात्राओं, आचार्य परिवार एवं समिति परिवार ने शोकसभा कर इस घटना पर दुख जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।