दिवाली से पहले प्रदेश के 5800 प्राचार्यों और प्राध्यापकों को बड़ी सौगात

एरियर्स भुगतान के लिए लगभग 715.70 करोड़ का भार शासन पर आएगा, इसमें से 50 फीसद राशि 357.35 करोड़ राज्य शासन द्वारा तथा इतनी ही राशि केंद्र शासन द्वारा वहन की जाएगी

शाजापुर, डेस्क रिपोर्ट| दिवाली से पहले मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) ने शासकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को में कार्यरत शैक्षणिक वर्ग के 5800 प्राचार्यों और प्राध्यापकों को बड़ी सौगात दी है| मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव (Higher Education Minister Dr Mohan Yadav) ने ऐलान किया है कि, प्रोफेसर्स, असिस्टेंट प्रोफेसर्स, ग्रंथपाल और खेल अधिकारियों को मध्य प्रदेश सरकार की ओर से एरियर भुगतान किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा 351 करोड़ की राशि का भुगतान किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री उच्च शिक्षा डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को शाजापुर में स्थानीय एबी रोड स्थित रेस्ट हाउस पर पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक स्टाफ को सातवें यूजीसी वेतनमान के एरियर्स के भुगतान संबधी आदेश की घोषणा राज्य सरकार द्वारा की गई है। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में नियमित रूप से कार्यरत शैक्षणिक वर्ग के प्राचार्य, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी एवं ग्रंथपाल को यूजीसी सातवें वेतनमान के एरियर 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2019 तक का भुगतान किया जाना है।

एरियर्स भुगतान के लिए लगभग 715.70 करोड़ का भार शासन पर आएगा। इसमें से 50 फीसद राशि 357.35 करोड़ राज्य शासन द्वारा तथा इतनी ही राशि केंद्र शासन द्वारा वहन की जाएगी। मंत्री यादव ने बताया कि एरियर्स से प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में कार्यरत शैक्षणिक वर्ग के लगभग 5800 प्राचार्य एवं प्राध्यापक लाभान्वित होंगे।

मंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विभिन्न महाविद्यालयों को विभिन्ना संकायों को प्रारंभ करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। महाविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू ढंग से चलाई जाए इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या अवहेलना होने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। कोरोना संक्रमण के चलते ऑनलाइन लिंक 10 दिवस के लिए खोल दी गई है। साथ ही 25 फीसद सीटें बढ़ने के लिए भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इससे छात्र-छात्राओं को प्रवेश लेने में सुविधा होगी। 30 अक्टूबर से चार दिन के लिए महाविद्यालयों को प्रवेश की अनुमति प्रदान की जा रही है|