सिंगरौली, राघवेन्द्र सिंह गहरवार। जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने सभी विभागों(Department) के कार्यालय प्रमुख उप खंड अधिकारियों को निर्देश (Instructions) दिए कि आम जनता द्वारा दिए गए आवेदनों का त्वरित निराकरण करें तथा आवेदकों को निराकरण से अवगत कराएं। चिटफंड कंपनियों, डीजल, पेट्रोल, खाद्य सामग्री, शराब एवं रेत माफियाओं के विरूद्ध सघन अभियान चलाकर सख्त कार्रवाही करें।

चिटफंड कंपनियों और रेत माफिया पर सख्त कार्रवाही करें, 'मैं भी डिजिटल' का करें प्रचार- जिला कलेक्टर

कलेक्टर ने कहा कि सभी कार्यालय प्रमुख, खंड स्तर एवं ग्रामीण स्तर पर पदस्थ मैदानी अमले को सक्रिय कर उनसे विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। साथ ही शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं से जरूरतमंदों को लाभान्वित करने के लिए प्रकरण तैयार कराए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाएं,​मछली पालन तथा पशु चिकित्सा विभाग किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड बनवाएं। उन्होंने आगे कहा कि सभी विभाग अपने-अपने कार्यालयों को ई-आफिस मे तब्दील करें। भौतिक रूप से पत्र व्यवहार करने के बजाए ई-मेल के माध्यम से कार्रवाई करें। श्रम विभाग उन्नाति पोर्टल के बारे में मैदानी स्तर पर व्यापक प्रचार कराएं। प्रधानमंत्री स्वनिधि कार्यक्रम के तहत ’मैं भी डिजिटल’ का प्रचार-प्रसार कराएं तथा बैको लंबित पात्र हितग्राहियो के प्रकरणो का निराकरण कराकर उन्हे लाभ दिलाया जाना सुनिश्चितकरे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पुलिस के सहयोग से गुंडे माफिया द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई शासकीय भूमि को मुक्त कराएं। चिटफंड कंपनियों, डीजल, पेट्रोल, खाद्य सामग्री, शराब एवं रेत माफियाओं के विरूद्ध सघन अभियान चलाकर लगातार सख्त कार्रवाही करें।

निर्देशों के बाद भी नहीं रुक रहे अवैध कारोबार

आपको बता दें कि जिला कलेक्टर व सिंगरौली पुलिस कप्तान अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने और कार्यवाही करने का कई बार निर्देश दे चुके है। बावजूद इसके जिले के कुछ चौकी प्रभारी और थानेदार ऐसे है जिन पर जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के निर्देशों का कोई असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण विन्ध्यनगर थाना अंतर्गत जयंत चौकी के बगल से दिन के उजालों में बिना रोकटोक के अवैध बोल्डर का परिवहन हो रहा है। तो वहीं सासन चौकी की बात की जाए तो हर्रहवा,बिलासपुर,सिंगरौलिया से रात होते ही अवैध रेत का परिवहन ट्रैक्टरों से जोरो पर चल रहा है। ऐसे में माड़ा थाना भी अछूता नहीं है, माड़ा थाना अंतर्गत कथूरा जरौंधा नदी से रेत का परिवहन भी जोरो पर है। खास बात ये है कि हर थाने और चौकियों की जिम्मेदारी कुछ कारखासो के हाथ में रहती है। इतना ही नहीं जब भी पुलिस के आलाधिकारी कार्यवाही की सोचते है उससे पहले ही रेत व बोल्डर माफियाओ तक खबर पहुंच जाती है और वो सचेत हो जाते है जिससे रेत व बोल्डर माफियाओ के हौसले बुलंद है अब ऐसे में एक सवाल आता है कि आखिर कब होगा जिले में कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के निर्देशो का पालन।