अस्पताल से ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर चुराने की कोशिश, मरीज की मौत, मृत्यु पूर्व रिकॉर्ड किया बयान

मरीज ने मृत्यु पूर्व अपने मोबाइल पर बयान रिकॉर्ड किया जिसमें दो आरोपियों का नाम लिया है और घटना की विस्तृत जानकारी दी है

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। उज्जैन के पास तराना कोविड सेंटर में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मशीन (oxygen concentrator) चुराने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खास बात ये कि इस मामले में खुद उस मरीज (patient) ने वीडियो रिकॉर्डिंग कर बयान (statement) दिया है, जिसके बेड पर लगी मशीन चुराने की कोशिश की गई। इस दौरान आरोपियों ने मशीन को बंद कर दिया था जिसके बाद मरीज की तबियत बिगड़ गई और सुबह होते होते उसकी मौत हो गई। इस मामले में मरीज ने मृत्यु पूर्व दिए बयान में दो लोगों का नाम लिया है, जिसने उसकी ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मशीन चुराने की कोशिश की। अब ये वीडियो सामने आने के बाद घटना का खुलासा हुआ है।

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तराना कोविड सेंटर से आपदा में मरती संवेदना का एक मामला सामने आया है जिसमे मरीज को लगी ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मशीन को दो लोगो ने  चुराने का प्रयास किया, जिसके बाद मरीज की अल सुबह मौत हो गयी। हालांकि मरने से पहले मरीज बने सिंह ने अपने मोबाइल से चोरी की घटना को लेकर अपना खुद का एक वीडियो बनाया जिस कारण घटना का खुलासा हुआ। वीडियो में बने सिंह ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए दोनों आरोपियों के नाम भी बताये हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या अस्पताल में उस वक़्त डॉक्टर, नर्स और सुरक्षाकर्मी नहीं थे। अगर थे तो सभी क्या कर रहे थे। फिलहाल पुलिस ने अब तक इस घटना में कोई एफएआर दर्ज नहीं की है।

तराना के दिनह कान्वेंट स्कूल में बने कोविड सेंटर में कोरोना वार्ड में भर्ती चौकीदार बने सिंह को लगी ऑक्सीजन मशीन चोरी करने के लिए दो लोग बुधवार रात करीब 12.30 बजे पहुंचे। चोरी की कोशिश के दौरान कुछ देर के लिए जैसे ही मशीन बंद हुई वैसे ही बने सिंह की नींद खुल गयी और दोनों चोर भाग गए। इधर मरीज बने सिंह की गुरुवार अल सुबह मौत हो गयी। ये मामला तब सामने आया जब मृतक का बनाया हुआ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें बने सिंह अपने मोबाइल पर सारी घटना रिकॉर्ड की। उसने बयाता कि ‘बुधवार  रात 12:30 बजे दो बदमाश ऑक्सीजन की मशीन चुराने के लिए वार्ड में घुसे। मेरे पास जो ऑक्सीजन की मशीन लगी थी उसको निकालने की कोशिश की गई। जब मैंने इनको देखा तो पकड़ने की उसने कोशिश की।’ चूंकि बने सिंह चौकीदार है इसलिए आसपास के गाँव वालों को भी अच्छे से जानता था इसके उसने मरने से पहले जो वीडियो बनाया उसमें दो लोग आनंद खेड़ी गांव के निवासी हेमंत पिता राजाराम और केसर सिंह का नाम लिया है।

साकरी निवासी बने सिंह (चौकीदार) को सांस में तकलीफ थी जिसके चलते तराना सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद कोविड सेंटर भर्ती कराया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपी को पकड़ा लेकिन अब तक कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं पहुंची तो पुलिस ने दोनों को जाने दिया गया। लेकिन चोरी होने की घटना पर भी सवाल खड़े होते हैं जब इस पूरी घटना को अंजाम दिया जा रहा था उस समय ड्यूटी  डॉक्टर कहां थे। क्या पुलिस प्रशासन द्वारा किसी भी जवान की वहां पर ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। सबसे बड़ी बात तराना विधानसभा क्षेत्र का उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव एक माह में 3 बार दौरा कर चुके हैं। वहीं अस्पताल का दौरा करने आये सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि मामला गंभीर है इस पर कार्यवाही के लिए पुलिस के आला अधिकारियों से बात करूंगा।