MP उपचुनाव 2020: ग्वालियर-चंबल की सीटों को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष का बड़ा दावा, सिंधिया को घेरा

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने यह दावा किया है के 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के परिणाम क्या आएंगे। इसका उन्हें अंदेशा नहीं है लेकिन ग्वालियर-चंबल के 16 सीट कांग्रेस के पक्ष में आएगी।

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मुरैना, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में आगामी उपचुनाव(by election) को देखते हुए ताबड़तोड़ रैलियां की जा रही है। दिग्गज नेता लगातार जनसंवाद कर एक दूसरे की खामियां गिनाने में व्यस्त है। इसी बीच आज दिमनी विधानसभा में कांग्रेस(congress) ने ज्योतिरादित्य सिंधिया(jyotiraditya scindia) पर जमकर हमला बोला। जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह(ajay singh) ने सिंधिया सहित बीजेपी(bjp) के कई दिग्गज को घेरा है। इसके साथ ही साथ में दावा किया कि ग्वालियर-चंबल(gwalior chambal) की 16 सीटों पर कांग्रेस की सत्ता काबीज होगी।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा के साथ मिलकर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराई। तब इस घटना के बाद नरेंद्र सिंह तोमर(narendra singh) के मुख्यमंत्री(chiefminister) बनने की चर्चा तेज हो गई थी लेकिन सिंधिया की वजह से वह मुख्यमंत्री तक नहीं बन पाए।

इसी के साथ पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने यह दावा किया है के 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के परिणाम क्या आएंगे। इसका उन्हें अंदेशा नहीं है लेकिन ग्वालियर-चंबल के 16 सीट कांग्रेस के पक्ष में आएगी। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता इस चुनाव में सिंधिया का सफाया कर देगी।

वहीं सिंधिया को घेरते हुए अजय सिंह ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस में थे तब कांग्रेस ने उन्हें क्या कुछ नहीं दिया। कांग्रेस पार्टी लगातार सिंधिया के साथ खड़ी रही लेकिन सिंधिया अपनी गद्दारी नहीं छोड़ पाए। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कमलनाथ तक को सोनिया गांधी से मिलने के लिए समय लेना पड़ता था लेकिन सिंधिया के साथ ऐसा नहीं था लेकिन फिर भी उन्होंने कांग्रेस के साथ वफादारी नहीं निभाई। अजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के साथ जो गद्दारी सिंधिया ने की है। उसे अब इतिहास में लिखा जाएगा।

बता दें कि उपचुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं कांग्रेस पार्टी की सरकार गिरा कर एक बार फिर से बीजेपी को सत्ता में लाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया पर कांग्रेस हमलावर हो रही है। सिंधिया समेत पार्टी छोड़ बाहर हुए सभी कांग्रेस नेताओं को कांग्रेस निशाना बना रही है। वही इस उपचुनाव में कांग्रेस का मुख्य एजेंडा बिकाऊ वर्सेस टिकाऊ पर निर्भर नजर आ रहा है।