क्या खतरे वाला है महिला एवं बाल विकास मंत्री का पद! कई महिला मंत्री हार चुकी हैं चुनाव

मंत्री इमरती देवी से पहले शिवराज सरकार में ही इस विभाग की मंत्री रहकर चुनाव लड़ चुकीं रंजना बघेल, कुसम महदेले, अर्चना चिटनिस चुनाव हारी हैं

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव (Byelection) के नतीजों ने भले ही भाजपा की सरकार (BJP Government) को सुरक्षित कर दिया हो, लेकिन उसके तीन मंत्री चुनाव हार गए| इनमे सबसे ज्यादा चर्चा महिला और बाल विकास विभाग की मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) की हार की हो रही है| पूरे चुनाव के दौरान इमरती देवी सुर्ख़ियों में रहीं, पूर्व सीएम कमलनाथ के इमरती देवी के लिए दिए गए बयान को बीजेपी ने जमकर भुनाया| लेकिन इसका फायदा इमरती को ही नहीं मिल पाया| अब इस बात की भी चर्चा होने लगी हैं, कि महिला और बाल विकास विभाग का पद ही खतरे वाला है, इस विभाग की जो भी मंत्री बनी अगला चुनाव हार गईं|

इस तरह की चर्चा इसलिए भी हो रही हैं क्यूंकि, इमरती लगातार चौथी मंत्री हैं जो इस विभाग में मंत्री रहने के बाद भी चुनाव हार गईं। जिसके चलते सोशल मेडिय पर अब यह चर्चा जमकर की जा रही है| इस विभाग में कई महिलाओं को मंत्री बनाया गया| लेकिन वे सभी चुनाव हार गईं|

मंत्री इमरती देवी से पहले शिवराज सरकार में ही इस विभाग की मंत्री रहकर चुनाव लड़ चुकीं रंजना बघेल, कुसम महदेले, अर्चना चिटनिस चुनाव हारी हैं। वहीं ललिता यादव जो इसी विभाग की राज्यमंत्री थीं, वो भी पिछला चुनाव हार गई थीं। अब यह संयोग है या कुछ और…फिलहाल सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोरो पर हैं|

बता दें कि डबरा से बीजेपी प्रत्याशी इमरती देवी अपनी सीट नहीं बचा पाईं| उन्हें उनके ही समधी सुरेश राजे ने करीब 7663 वोटों के अंतर से शिकस्त दी है| विधायक न बन पाने के चलते अब उन्हें मंत्री पद भी छोड़ना पड़ेगा| हालाँकि उन्होंने चुनाव हारने के बाद भी इस्तीफा नहीं दिया है।