बजट सत्र के बाद कर्मचारियों को मिल सकती है 3 गुड न्यूज, सैलरी में आएगा 1 लाख तक उछाल! DA-भत्तों और एरियर पर अपडेट

आगामी चुनावों को देखते हुए 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 2.57 से बढ़ाकर 3.00 या फिर 3.68 फीसदी किया जा सकता है, अगर सहमति बनती है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 8000 बढ़ने के बाद 18000 से 21000 या 26000 हो जाएगी। संभावना है कि केन्द्र सरकार इस साल फरवरी 2023 को पेश होने वाले बजट के बाद इस पर फैसला ले सकती है

Central Employees Salary Hike 2023 : केन्द्र की मोदी सरकार 1 फरवरी 2023 को अपना बजट पेश करने जा रही है। इस बजट से सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, किसानों और युवाओं को बड़ी उम्मीद है, संभावना जताई जा रही है आगामी चुनावों को देखते हुए इस बार कई बड़े फैसले लिए जा सकते है। इससे पहले कर्मचारियों-पेंशनरों ने अपनी मांगों को भी वित्त मंत्री तक पहुंचाना शुरू कर दिया है।वही मीडिया रिपोर्टस की मानें तो बजट सत्र के बाद 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों ( 7th Pay Commission ) को 3 बड़ी सौगात मिल सकती है।इससे ना सिर्फ कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में उछाल आएगा बल्कि अन्य भत्तों का भी लाभ मिलेगा।

3-4 फीसदी डीए में वृद्धि संभव

2023 में एक फिर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3-4 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। यह 38 फीसदी से 41 प्रतिशत हो सकता है। यह अनुमान नवंबर तक के AICPI इंडेक्स के जारी आंकड़ों से लगाया गया है। नवंबर तक इसका आंकड़ा 132.5 पर रहा है, अभी दिसंबर के आंकड़े आना बाकी है, अंतिम दर दूसरी छमाही में AICPI इंडेक्स के नंबर्स से तय होगा कि जनवरी 2023 में कितना DA बढ़ेगा । अगर इसमें उछाल आता है तो मार्च में घोषित होने वाले महंगाई भत्ता में जंप देखने को मिल सकता है। चुंकी बजट सत्र फरवरी में होगा और होली 8 मार्च की है, ऐसे में संभावना जताई है मार्च के पहले सप्ताह में इसका ऐलान हो सकता है।हालांकि अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

ऐसा तय होगी सैलरी

वर्तमान में कर्मचारियों को 38 फीसदी डीए मिल रहा है, अगर 3 फीसदी इजाफा होता है तो यह 41 हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में कुल ₹720 प्रति और अधिकतम सैलरी रेंज के कर्मचारियों के लिए ₹2276 प्रति महीने की दर से वृद्धि तय है।संभावनाा जताई जा रही है कि इसे 1 जनवरी 2023 से लागू किया जा सकता है, ऐसे में 2 महीने का एरियर भी दिया जा सकता है। इसका लाभ 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को होगा।इसका ऐलान 1 मार्च को हो सकता है, चुंकी इसी दिन कैबिनेट बैठक होना है। कर्मचारियों के लिए डीए के लिए एक फॉर्मूला है [(पिछले 12 महीने के ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) का औसत – 115.76)/115.76]×100 ।

18 महीने के डीए एरियर पर फैसला?

केन्द्रीय कर्मचारियों का जुलाई 2020 से जनवरी 2021 तक का डीए का एरियर बकाया है, इसको लेकर कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन की केन्द्र सरकार के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी है, कर्मचारी संगठन सरकार को एक नेगोशिएटेड सेटलमेंट करने का भी सुझाव दे चुके है लेकिन अबतक कोई हल नहीं निकला है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार बजट सत्र के दौरान या बाद में डीए एरियर पर कोई अंतिम फैसला ले सकती है।बजट सत्र में बकाया एरियर के लिए राशि आवंटित की जा सकती है या फिर इसे किस्तों में देने का भी ऐलान किया जा सकता है। हालांकि सरकार की तरफ से कोई नया अपडेट नहीं आया है।

 

लेवल के हिसाब से अलग अलग बनेगा एरियर

अगर भुगतान होता है तो कर्मचारियों के खाते में 2.18 लाख रुपये तक आ सकते हैं।डीए एरियर का पैसा कर्मचारियों को उनकी सैलरी बैंड के अनुसार मिलेगा। संभावना है कि लेवल-1 के कर्मचारियों का 11,880 रुपए से लेकर 37,554, लेवल-13 (7TH CPC बेसिक पे-स्केल 1,23,100 रुपए से 2,15,900 रुपए) और लेवल-14 (पे-स्केल) को 1,44,200 रुपए से 2,18,200 रुपए का एरियर बकाया है।अगर कर्मचारी का मूल वेतन 18,000 रुपये है, उसे 3 महीने के हिसाब से बकाया डीए एरियर (4,320+3,240+4,320) = 11,880 रुपये मिल सकता है।अगर कर्मचारी का मूल वेतन 56,000 रुपये है उसे 3 महीने का (13,656 + 10,242 + 13,656) = 37,554 रुपये का डीए एरियर मिलेगा।

फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो बेसिक सैलरी में वृद्धि संभव

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो केन्द्र की मोदी सरकार 2023 में कर्मचारियों की फिटमेंट फैक्टर की मांग को मानते हुए इसमें बढ़ोतरी का भी ऐलान कर सकती है। आगामी चुनावों को देखते हुए 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 2.57 से बढ़ाकर 3.00 या फिर 3.68 फीसदी किया जा सकता है, अगर सहमति बनती है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 8000 बढ़ने के बाद 18000 से 21000 या 26000 हो जाएगी। संभावना है कि केन्द्र सरकार इस साल फरवरी 2023 को पेश होने वाले बजट के बाद इस पर फैसला ले सकती है

वेतन में होगी 2.5 गुना वृद्धि

दरअसल, इस फैक्टर के कारण ही केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में करीब ढाई गुना से अधिक की वृद्धि होती है। इससे अलग अलग लेवल के कर्मचारियों की सैलरी में अलग अलग वृद्धि होगी। हालांकि अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। इससे पहले सरकार ने 2016 में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया था और इसी साल से 7th pay commission को भी लागू किया गया था, जिसके बाद कर्मचारियों बेसिक सैलरी 6000 से बढ़कर 18,000 हो गई थी।

बेसिक सैलरी में होगा इजाफा

  • फिटमेंट फैक्टर के कारण केन्द्रीय कर्मचारियों के वेतन में ढाई गुना से अधिक की वृद्धि होती है।वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) 2.57 गुना है और बेसिक सैलरी 18000 है।
  • उदाहरण के तौर पर, यदि किसी केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है, तो भत्तों को छोड़कर उसकी सैलरी 18,000 X 2.57= 46,260 रुपए का लाभ होगा।
    3.68 होने पर सैलरी 95,680 रुपये (26000 X 3.68 = 95,680) हो जाएगी यानि सैलरी में 49,420 रुपए लाभ मिलेगा।3 गुना फिटमेंट फैक्टर होने पर सैलरी 21000 X 3 = 63,000 रुपये होगी।