AAP ने जारी किया स्वाति मालीवाल का नया वीडियो, मंत्री आतिशी का बड़ा आरोप, बोलीं- पूरी साजिश गृह मंत्रालय से चल रही है

मंत्री आतिशी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ये भाजपा की बड़ी साजिश है जो SHO सिविल लाइन से नहीं चल रही, कमिश्नर पुलिस से नहीं चल रही है ये सीधे गृह मंत्रालय से चल रही है, इस केस को भाजपा की हायर लेवल टीम से मोनिटर किया जा रहा हैं

Atishi

AAP released new video of Swati Maliwal : आप की राज्य सभा सदस्य और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का नया वीडियो सामने आया है इसे आम आदमी पार्टी ने खुद अपने X अकाउंट पर शेयर किया है। ये वीडियो 13 मई का उस समय का है जब स्वाति मालीवाल सीएम आवास से बाहर निकल रही हैं। वीडियो जारी करने के बाद मंत्री आतिशी  मीडिया के सामने आई और उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाये, उन्होंने एक बार फिर स्वाति मालीवाल के आरोपों को झूठा बताते हुए उन्हें भाजपा के षड्यंत्र का हिस्सा बताया, आतिशी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये बड़ी साजिश है जो गृह मंत्रालय से चल रही है।

मंत्री आतिशी ने कहा कि कल जो वीडियो सामने आया उसमें स्वाति ड्राइंग रूम में बैठी हैं कह रहीं हैं कि मैंने 112 पर कॉल कर दिया है, पुलिस आती होगी यानि ये वीडियो कथित हमले के बाद का है लेकिन वीडियो में कहीं चोट नहीं दिख रही जैसा उन्होंने पुलसी FIR में कहा है यानि उनकी शिकायत झूठी है, इस वीडियो में वो पुलिस कर्मियों को धमका रही हैं , विभव कुमार को अपशब्द कह रही हैं यानि इस वीडियो ने उनके आरोपों का पर्दाफाश कर दिया है।

पीसी में आतिशी ने दिखाया नया वीडियो 

आतिशी ने कहा आज सीएम आवास के गेट का भी वीडियो सामने आया, ये भी स्वाति मालीवाल के सभी आरोपों के झूठ को सामने रख रहा है, एफआईआर के मुताबिक मारपीट इतनी हुई कि वे चल नहीं पा रही थी, दर्द से कराह रही थी लेकिन सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि वो तेजी से चलकर बाहर आ रही, लंगडाती नहीं दिख रही उल्टा पुलिसकर्मी को धक्का दे रही हैं, यानि  ये वीडियो भी एफआईआर से अलग प्रमाण दे रहा है।

आतिशी ने बताया स्वाति क्यों हैं भाजपा के षड्यंत्र का मोहरा 

उन्होंने कहा कि दोनों ही वीडियो बता रहे हैं कि स्वाति मालीवाल जो आरोप लगा रहीं हैं  वो झूठे हैं एफआईआर में जो उन्होंने कहा वो गलत है, ये एक बड़ा षड्यंत्र है जो अरविंद केजरीवाल के लिए भाजपा द्वारा रचा गया है, उन्होंने कहा कि लोग पूछ रहे हैं कि स्वाति मालीवाल का भाजपा से क्या लेना देना? तो मैं लेना देना बता देती हूँ, स्वाति पर भी ACB ने एक केस किया हुआ था इसमें एफआई हो चुकी है, सजा का समय नजदीक आ रहा है, इसी केस को आधार बनाकर सजा की धमकी देकर स्वाति पर दबाव बनाकर षड्यंत्र का हिस्सा बनाया जा रहा है।

विभव कुमार का पक्ष लेती रहीं आतिशी 

आतिशी ने कहा इसमें भाजपा की पूरी मशीनरी, MHA से दिल्ली पुलिस तक कैसे काम कर रही है ये मैं आपको बताती हूँ,  कल विभव कुमार ने एप्लीकेशन देकर कहा कि मुझे मालूम चला है कि मुझे इस केस में आरोपी बनाया गया है उन्होंने तीस हजारी कोर्ट में एप्लीकेशन लगाई कि एफआईआर की कॉपी दी जाये लेकिन शाम को कोर्ट के ऑर्डर पर दिल्ली पुलिस ने आज सुबह कोर्ट में जवाब देती है कि ये एफआईआर सेंसटिव है, इसलिए हम आरोपी को नहीं दे सकते, जो एफआईआर मीडिया पर है आज भाजपा की पुलिस कह रही है कि कोर्ट को नहीं दे सकते, ये तो कमाल है।

आतिशी का आरोप, पूरी साजिश गृह मंत्रालय से हो रही 

मंत्री आतिशी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ये भाजपा की बड़ी साजिश है जो SHO सिविल लाइन से नहीं चल रही, कमिश्नर पुलिस से नहीं चल रही है ये सीधे गृह मंत्रालय से चल रही है, इस केस को भाजपा की हायर लेवल टीम से मोनिटर किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि विभव कुमार ने 24 घंटे पहले दिल्ली पुलिस में शिकायत दी लेकिन एफ आई आर नहीं होती, जबकि स्वाति के मुद्दे पर पुलिस उनके घर पहुंच जाती है और एफआईआर कर लेती है, ये दिल्ली पुलिस जाँच नहीं कर रही ये सब वो भाजपा के कहने पर कर रही है।

स्वाति मालीवाल की मेडिकल रिपोर्ट शोध का विषय 

आतिशी ने कहा कि हमने दिल्ली पुलिस को सीएम हॉउस के सभी सीसीटीवी फुटेज से दिए हैं लेकिन क्या दिल्ली पुलिस निष्पक्ष जाँच करेगी हमें इसपर संदेह है, स्वाति मालीवाल की मेडिकल रिपोर्ट में शरीर में कई जगह चोट की बात सामने आने पर आतिशी ने कहा कि – सवाल ये हैकि स्वाति ने उसी दिन मेडिकल क्यों नहीं कराया, तीन दिन बाद एम्स जाती है , चार दिन बाद तीस हजारी कोर्ट जाती हैं लंगडाती जाती है, जबकि घटना वाले दिन पुलिसकर्मियों को धक्का दे रही थी , तो चार दिन बाद ऐसा क्या हो गया?ये तो शोध का विषय है।


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ....पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....