Budget 2020:वित्तमंत्री सीतारमण ने पेश किया बजट, किसानों के लिए कई बड़े ऐलान

नई दिल्ली।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश कर रही हैं आर्थिक सुस्ती के बीच वर्ष 2020-21 के इस बजट को काफी अहम इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि विपक्ष पिछले कुछ समय से इन मुद्दों को लेकर हमलावर रहा है। बजट में किसान, युवा और महिलाओं पर विशेष फोकस किया गया है। वित्त मंत्री सीतारमण ने किसानों के लिए एक विशेष ट्रेन चलाने और ‘कुसुम योजना’ के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंपसेट देने का ऐलान किया।

वित्त मंत्री ने कहा 2020-21 के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के कृषि ऋण का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत पीएम किसान के सभी पात्र लाभार्तियों को KCC Scheme में शामिल किया जाएगा। देश में और देश के बाहर कृषि उत्पादों को पहुंचाने के लिए कृषि उड़ान योजना की शुरुआत की जाएगी। जिन किसानों के पास बंजर जमीन है, उस पर उन्हें सौर बिजली इकाइयां लगाने और अधिशेष बिजली सौर ग्रिड को बेचने में मदद की जाएगी। कृषि भूमि पट्टा आदर्श अधिनियम-2016, कृषि उपज और पशुधन मंडी आदर्श अधिनियम -2017, कृषि उपज एवं पशुधन अनुबंध खेती, सेवाएं संवर्धन एवं सुगमीकरण आदर्श अधिनियम-2018 लागू करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

किसानों के लिए बजट मे सौगात
-जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों के परिवहन के लिए ‘किसान रेल”
-किसानों के लिए मोदी सरकार कुसुम योजना लॉन्च करेगी।
-केमिकल खाद की जगह ऑर्गेनिक खाद को बढ़ावा देंगे।
-किसानों की बेहतरी के लिए बजट में 16 बिंदुओं की कार्य योजना की घोषणा
-मोदी सरकार ने किसानों को ‘कुसुम योजना’ के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंपसेट ।
-फसलों को लाने और ले जाने के लिए किसान रेल चलाई जाएगी।
– पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सहायता सुनिश्चित की गई है. कृषि बाजार को उदार करने और खोलने की जरूरत है।
– मनरेगा के जरिये को खेती को बढ़ावा देने पर फोकस पर है. मछली पालन को 2 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है. युवाओं को मछली पालन से क्षेत्र से जोड़ने का लक्ष्य है।
– मछली पालने को वालों मछली कृषक कहा जाएगा. 3077 सागर मित्र बनाए जाएंगे. तटवर्ती इलाकों के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
– किसान क्रेडिट के लिए 15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य
– 2025 तक दुग्‍ध उत्‍पादन दोगुना करने का लक्ष्‍य
– किसानों के लिए कृषि उड़ान योजना की होगी शुरुआत
– एक प्रोडक्‍ट, एक जिले पर फोकस
– ये बजट गांव, गरीब और किसान के लिए है।
– पशुपालन, मछली पालन को बढ़ाने देने पर जोर है। इसके लिए राज्य सरकारों को मदद की जाएगी।केंद्र और राज्य मिलकर इस संभव बना सकते हैं।
– पानी की किल्लत देश में बड़ी समस्या है।देश में 100 जिलों ऐसे हैं जहां पानी की किल्लत है. किसानों के पंप सेट को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा सकता है।
– 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर कायम। फसल बीमा योजना में 6 करोड़ 11 लाख किसानों को जोड़ा गया है. तकनीक खेती पर जोर दिया जा रहा है।
– बंजर जमीन पर होगा सोलर एनर्जी का उत्‍पादन।
– पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंंप मुहैया कराया जाएगा.
– पंचायत स्‍तर पर नए वेयरहाउस बनाए जाएंगे। इसके साथ ही रसायनिक खादों के विकल्‍प तलाशे जाएंगे.
– 100 सूखाग्रस्‍त जिलों पर खास फोकस होगा.
-27 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है.