सीएम का बड़ा तोहफा, मानदेय में वृद्धि, नई दरें अप्रैल से लागू, इन्हें मिलेगा लाभ, आदेश जारी, खाते में आएगी इतनी राशि

2000 Rupee Note Exchange,

Haryana Sarpanch Panch Honorarium Hike : आगामी चुनाव से पहले एक तरफ जहां मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के मानदेय में 3 गुना वृद्धि की है, वही दूसरी तरफ हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने सरपंचों के मानदेय में भी बढ़ोत्तरी की है।इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है। बता दे कि अभी तक सरपंचों और पंचों को क्रमश: 3000 व 1000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलता था।

अब खाते में आएंगे इतने रुपए

आदेश के तहत सरपंचों के मानदेय में दो हजार और पंचों के मानदेय में छह सौ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद अब सरपंचों को तीन के बजाय पांच हजार व पंचों को एक हजार के बजाय 1600 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। बढ़ी हुई दरें एक अप्रैल 2023 से लागू होंगी।सीएम की घोषणा को पूरा करते हुए मंगलवार को विकास एवं पंचायत विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। सभी पंचायत प्रतिनिधियों को एरियर दिया जाएगा।

नियम में संशोधन

दरअसल, लंबे समय से सरपंच व पंच सीएम मनोहर लाल खट्टर से उनके मानदेय में बढ़ोतरी की मांग कर रहे है, जिसे चुनाव से पहले सीएम मनोहर लाल ने पूरा कर दिया है। मानदेय में बढ़ोतरी के लिए विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक ने हरियाणा पंचायती राज वित्त, बजट, लेखा, लेखा परीक्षा कराधान तथा संकर्म नियम-1995 में संशोधन किया है। अब यह नियम हरियाणा पंचायती राज वित्त, बजट, लेखा, लेखा-परीक्षा कराधान तथा संकर्म (संशोधन) नियम, 2023 कहे जाएंगे।

सीएम ने मार्च में की थी घोषणा

गौरतलब है कि सीएम मनोहर लाल ने 15 मार्च को सरपंचों का मानदेय बढ़ाकर पांच हजार और पंचों का मानदेय बढ़ाकर 1600 रुपये करने की घोषणा की थी और एक अप्रैल से बढ़ा मानदेय मिलने का भरोसा दिलाया था। अब जुलाई में सीएम की घोषणा को पूरा करते हुए मंगलवार को विकास एवं पंचायत विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। सभी पंचायत प्रतिनिधियों को एरियर दिया जाएगा। अभी तक सरपंचों को तीन हजार रुपये और पंचों को एक हजार रुपये मासिक मानदेय मिल रहा था।

 


About Author
Pooja Khodani

Pooja Khodani

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

Other Latest News