International Tiger Day: ये हैं भारत के फेमस टाइगर रिजर्व, यहां करीब से होगा बाघों का दीदार

World Tiger Day

International Tiger Day 2023: हर साल 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस बनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य लगातार कम हो रही बाघों की आबादी पर अंकुश लगाकर उनकी संख्या बढ़ाना है। भारत के लिए यह दिन काफी खास होता है क्योंकि बाघ ना सिर्फ हमारा राष्ट्रीय पशु है, बल्कि दुनिया के 70% से अधिक बाघों की संख्या भारत में ही पाई जाती है।

अगर आप अपने इंटरनेशनल टाइगर डे को खास बनाना चाहते हैं, तो यहां मौजूद कई सारे टाइगर रिजर्व का दौरा कर सकते हैं। हालांकि, यहां पर कुल 53 टाइगर रिजर्व है जिनमें से किसी एक को चुनना थोड़ा मुश्किल काम है। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे रिजर्व की जानकारी देते हैं, जहां जाने के बाद आपको बाघों को पास से देखने का मौका मिलेगा और आप यह जान पाएंगे कि उनका जीवन कैसा होता है।

जिम कॉर्बेट

उत्तराखंड में फैले हिमालय की तलहटी में मौजूद जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भारत के सबसे बड़े बाघ रिजर्व में शामिल है। 500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस राष्ट्रीय उद्यान में बाघों को निहारने के लिए आकर्षक विकल्प हाथी सफारी है। बंगाल के बाघों के साथ यहां पर 585 से ज्यादा अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी और 7 एफिबियन प्रजातियां देखने को मिलेंगी।

रणथंभौर

यह भारत के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व में से एक है और बाघों की एक बड़ी आबादी यहां पर पाई जाती है। 1134 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली यह जगह बंगाल के बाघों का घर कही जाती है। अगर आप यहां जाने का प्लान बना रहे हैं तो आपको सफारी जरूर करना चाहिए। इस सफारी के दौरान आपको बाघों के साथ लकड़बग्घा, भालू, सियार और भारतीय लोमड़ी जैसे जानवर देखने को भी मिलेंगे।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भारत के टॉप बाघ अभ्यारण में से एक है और हर दिन यहां पर सैकड़ों लोग टाइगर का दीदार करने के लिए पहुंचते हैं। यहां रॉयल बंगाल टाइगर देखने के लिए मिलते हैं और यह जगह 820 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। इस राष्ट्रीय उद्यान के भीतर बांधवगढ़ का ऐतिहासिक किला भी मौजूद है। यहां पर जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता का दीदार पास देखने को मिलता है।

काजीरंगा रिजर्व

काजीरंगा टाइगर रिजर्व में भारत और दुनिया भर के टाइगर रिजर्व की तुलना में सबसे ज्यादा बाघ पाए जाते हैं। असम से संरक्षित किए गए बाघों की बड़ी आबादी यहां के तराई सवाना क्षेत्र में मिलती है। इनके साथ यहां जंगली भैंसे, भारतीय गेंडा और हाथियों को भी निहारा जा सकता है।

सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान

अगर आप मध्य प्रदेश की जैव विविधता को पास से देखना चाहते हैं तो सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान जाना एक बेहतरीन विकल्प होगा। 1981 में इस पार्क की स्थापना हुई थी और उसके बाद से यह देशी और विदेशी दोनों ही पर्यटकों की पसंदीदा जगह है। यहां पर कई तरह के जानवर और पेड़ पौधे देखने के लिए मिलेंगे।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान

मध्यप्रदेश को तो वैसे भी टाइगर स्टेट का दर्जा मिला हुआ है और यहां का कान्हा राष्ट्रीय उद्यान एशिया के सबसे अच्छे टाइगर रिजर्व में से एक है। यह भारत के प्रसिद्ध बंगाली टाइगर का घर है। बाघों के साथ यहां पर इस स्लॉथ बियर, भारतीय हाथी और विभिन्न प्रजातियों के पक्षी के साथ हिरण भी देखने को मिलेंगे। इस पार्क में दुनियाभर में मौजूद 6000 बाघों में से 500 का घर है।


About Author
Diksha Bhanupriy

Diksha Bhanupriy

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है।

Other Latest News