स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी, अब साल में दो बार होंगी CBSE बोर्ड परीक्षाएं, स्टूडेंट्स को मिलेगी विषय चुनने की आजादी

CBSE Board Exam 2024 : सीबीएसई सहित अन्य बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए बड़ी और अच्छी खबर है, शिक्षा मंत्रालय यानि मिनिस्ट्री ऑफ़ एजुकेशन (Ministry of Education) ने आज कहा कि अब बोर्ड परीक्षाएं साल में एक बार नहीं दो बार आयोजित की जाएंगी, केंद्र सरकार ने बुधवार को नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत शिक्षा प्रणाली में किये गए  बड़े बदलावों की घोषणा करते हुए कहा कि शैक्षणिक सत्र 2024 के लिए पाठ्यपुस्तकें विकसित की जाएंगी, शिक्षा मंत्रालय ने  नए पाठ्यक्रम ढांचे यानि राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा (NCF) की घोषणा भी की गई,  नए पाठ्यक्रम ढांचे के तहत बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार होंगी,  यही नहीं स्टूडेंट्स को सर्वश्रेष्ठ अंक बरकरार रखने की इजाजत होगी, कक्षा 11वीं और 12वीं में स्टूडेंट्स  को अपनी पसंद का विषय चुनने की आजादी मिलेगी।  कक्षा 11वीं और 12वीं में विद्यार्थियों को दो भाषाओं का अध्ययन करना होगा।

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने ली संयुक्त बैठक 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज National Curriculum Framework Oversight Committee और National Syllabus and Teaching-Learning Material Committee की पहली संयुक्त कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि – आज दुनिया को भारत से अपेक्षा है। अपनी वैश्विक ज़िम्मेदारी को पूरा करते हुए हमें एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है जो भारत के साथ विश्व की अपेक्षाओं को पूरा करे। NEP के अन्तर्गत 21वीं सदी की आवश्यकताओं और भारत के मूल विचारों के आधार पर कक्षा 3 से कक्षा 12वीं तक rooted और futuristic पठन-पाठन सामग्री और textbook बनाने का काम चल रहा है। अगले शिक्षा वर्ष तक सभी कक्षाओं में नया पाठ्य-पुस्तक उपलब्ध कराने की ओर यह एक विनम्र प्रयास है।

आज घोषित नया एजुकेशन पैटर्न शैक्षणिक सत्र 2024 से होगा लागू

शिक्षा मंत्रालय ने आज शिक्षा प्रणाली के तहत जो बदलावों की घोषणा की गई है यानि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार घोषित  जो नया करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार कर लिया गया है और उसके ही अनुसार शैक्षणिक सत्र 2024 के लिए किताबें (पाठ्यक्रम)  तैयार की जाएँगी। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर की गई घोषणा वर्ष 2024-25 में प्रभावी होगी।

स्ट्रीम चुनने का प्रतिबंध नहीं, कोई भी विषय चुन सकते हैं 

शिक्षा मंत्रालय द्वारा आज घोषित किए गए बड़े बदलावों के अंतर्गत कक्षा 11 और कक्षा 12 के स्टूडेंट्स को अब स्ट्रीम यानि आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस चुनने की बाध्यता को हटा दिया गया है अर्थात अब स्टूडेंट इन कक्षाओं में अपने पंसद के विषय चुन सकेंगे, स्टूडेंट्स को कक्षा 11 और कक्षा 12 में  दो लैंग्वेज के सब्जेक्ट (भाषा)  चुनने होंगे, जिसमें से एक भारतीय भाषा होना चाहिए। गौरतलब है कि अभी जो एजुकेशन सिस्टम है उसमें सभी बोर्डों के पाठ्यक्रम में स्टूडेंट्स आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, वोकेशनल कोर्स  आदि में से किसी एक का चुनाव करना होता है।

पहले साल में एक बार ही होती थी परीक्षा, अब दो बार होगी 

शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं महीनों की कोचिंग और रट्टा लगाने की क्षमता के मुकाबले स्टूडेंट्स की समझ और दक्षता के स्तर का मूल्यांकन करेंगी। इसके अलावा 11वीं और 12वीं क्लास के दौरान विषयों का चयन अब सीमित नहीं रहेगा, जिससे छात्रों को अपनी पसंद बनाने की सुविधा मिलेगी, आपको बता दें कि इससे पहले भारत में बोर्ड परीक्षा साल में एक बार आयोजित होती थी लेकिन अब केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहते इसमें बड़ा बदलाव किया है,  इस बदलाव के बाद अबCBSE  बोर्ड  की परीक्षा साल में 2 होंगी। मंत्रालय ने बोर्डों से कहा है कि वे ऑन-डिमांड परीक्षाओं को आयोजित करने की क्षमता विकसित करें।


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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