गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए घर बैठे ऐसे खरीदें टिकट, इतनी है कीमत, 10 जनवरी से बुकिंग शुरू, जानें पूरा प्रोसेस

Republic Day Parade Ticket

Republic Day Parade Ticket: हर साल 26 जनवरी 2024 को भारत अपना 75वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। राजधानी दिल्ली में जोरों-शोरों से तैयारियां चल रही है। कर्तव्य पथ पर रिहर्सल भी जारी है। इस दौरान कई राज्यों की झाँकियाँ शामिल होगी। परेड की लाइव स्ट्रीमिंग दूरदर्शन के ऑफिशियल YouTube चैनल पर आप देख सकते हैं। लेकिन यदि आप इस बार परेड को सामने से देखना चाहते हैं तो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से टिकट खरीद सकते हैं।

कितनी है टिकट की कीमत?

10 जनवरी से परेड के लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो 25 जनवरी तक जारी रहेगी। रिजर्व सीट के लिए भारतीय जनता को 500 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं अनरिजर्व सीटों के टिकट की कीमत 20 रुपये है। परेड सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। दर्शक इसे 10 बजे से देख पाएंगे।

ऑफलाइन ऐसे बुक करें टिकट

आईडीटीसी ट्रैवल काउन्टर और डीटीडीसी काउन्टर पर टिकट उपलब्ध होंगे। संसद भवन, सेना भवन, शास्त्री भवन, प्रगति मैदान और जंतर-मंत्र पर बने टिकट काउन्टर पर जाकर भी आप ऑफलाइन टिकट खरीद सकते हैं।

ऑनलाइन टिकट बुकिंग का तरीका

  • ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए रक्षा मंत्रालय के ऑफिशियल वेबसाइट www.aamantran.mod.gov.in पर जाएं।
  • नए यूजर्स नया अकाउंट क्रीऐट करें। लॉग इन करें।
  • नाम, जन्मतिथि, मोबाईल नंबर इत्यादि दर्ज करें।
  • प्रमाणीकरण के लिए मोबाईल नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करें।
  • ईवेंट को अपने हिसाब से चुने। दर्शक की जानकारी दर्ज करे। ऑरिजनल आइडी की फोटो कॉपी अपलोड करें।
  • शुल्क का भुगतान करें।

 


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Manisha Kumari Pandey

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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

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