Kanpur Violence : जरा सी बात ने ले लिया विकराल रूप, ठेले पर रखे थे पत्थर तो कहीं भीड़ ने लाई बम

कल हुई शुक्रवार की नमाज के बाद नूपुर शर्मा के विरोध में कानपूर में भारी बवाल हुआ। विरोध में शामिल हुए मुसलमानो ने जबरन दुकानें बंद कराई साथ ही दूसरे समुदाय के हाथों में दाखिल हो गए।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान से भारी बवाल हो गया है। पहले उनके ऊपर केस दर्ज किया गया। वहीं एक व्यक्ति उनके घर पर पथराव करने भी पहुंच गया था। अब जब इस बयान को हफ्ते भर हो चुके हैं, कल हुई शुक्रवार की नमाज के बाद उनके विरोध में कानपूर में भारी बवाल हुआ। विरोध में शामिल हुए मुसलमानो ने जबरन दुकानें बंद कराई साथ ही दूसरे समुदाय के हाथों में दाखिल हो गए।

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Kanpur Violenceइसके बाद हिंदू पक्ष के लोग भड़क गए और उन को खदेड़ने लगे। देखते ही देखते दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी होने लगे। वहीँ मुसलमान पक्ष की तरफ से पथराव के साथ पेट्रोल बम भी फेंके गए। शाम करीब 7:00 बजे तक गलियों में इसी तरह से बवाल होता रहा। इस हालात पर पुलिस मुश्किल से काबू कर सकी। आपको बता दें कि इस बवाल में 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं और 18 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसके बाद इलाके में 12 कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई है।

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Kanpur Violenceदरअसल भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने कुछ दिन पहले एक टीवी डिबेट में बयान दिया था। जिसको लेकर मुस्लिम समाज लगातार विरोध कर रहा था। इसी क्रम में शुक्रवार को नई सड़क पर नमाजियों ने यतीम खाने की तरफ से नई सड़क की ओर जुलूस निकालना शुरू किया और जैसे ही वह चंद्रेश्वर हाती के पास पहुंचे। सामने डिवाइडर पर लगे भाजपा के झंडे को फाड़ दिया। नाराबाजी कर ललकारने लगे। इस दौरान कई उपद्रवी हाती की चौखट तक पहुंच गए, साथ ही कुछ भीतर चले गए और मौजूद लोगों को पीटने लगे।

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Kanpur Violenceजिसके बाद दूसरे समुदाय के लोग इकट्ठा हुए और उपद्रव भड़क गया। उपद्रवी सुनियोजित तरीके से ठेले पर पत्थर लेकर पहुंचे थे। विरोध के समय चंद्रेश्वर हाता के आसपास रहने वाले दूसरे समुदाय के लोगों ने दुकानें बंद नहीं की थी। जिसके बाद विरोध प्रदर्शन करने वालों ने दुकानें खुली देखी तो बंद करवाने लगे। उस समुदाय के लोगों ने कहा कि जब हमारा इससे कुछ लेना ही देना नहीं है तो हम दुकान क्यों बंद करें और इस पर बात बिगड़ गई और इतना बड़ा बवाल हो गया।

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कानपुर में पथराव और हिंसाभीड़ जो कि पत्थर लादकर पहुंची थी घंटों तक पथराव करते रही। उसके बाद दूसरे समुदाय के लोगों ने भी पथराव किया। ज्यादातर घायल हुए लोग चंद्रेश्वर हाता के निवासी हैं। हाती के बाहर दुकानदार पानी और कोल्ड ड्रिंक बेच रहे थे। तभी भीड़ ने हमला बोला और दुकान लूट ली, सामान भी फेंकने लगे जो मिलता गया उन पर हमला कर दिया। यह तमाशा तकरीबन 15 मिनट चला। उसके बाद व्यापारियों ने अपनी संख्या बढ़ाई और उनको खदेड़ दिया। आपको बता दें कि राष्ट्रपति पीएम और सीएम शहर में ही थे और इस वीवीआईपी मूवमेंट की वजह से भारी पुलिस बल उनकी सुरक्षा में लगा हुआ था।

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भीड़ बढ़ने के साथ पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज भी किया लेकिन उपद्रवी चंद मिनट में ही हजारों लोगों के साथ दोबारा आ गए। सवाल यह है कि इतना बवाल बढ़ने के बाद भी पुलिस बल को क्यों नहीं बुलाया गया? उपद्रवी चेहरा ढक कर आए थे। जहां सीसीटीवी कैमरे थे वह उसको तोड़ रहे थे ताकि उनकी करतूत कैद ना हो। बीच सड़क पर उपद्रवियों ने एक सेंट्रो वाहन के अलावा दो पिकअप और एक बाइक को तोड़ डाला। इसके अलावा दुकानों के साइन बोर्ड तोड़े।