माननीयों को अब नहीं मिलेगा सस्ता खाना, संसद की कैंटीन में ख़त्म होगी सब्सिडी

नई दिल्ली। संसद की कैंटीन में खाने पर मिलने वाली सब्सिडी पर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब कैंटीन में खाने पीने की सामग्री पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। पहले कैंटीन में सांसद, आगंतुकों और पत्रकारों के लिए कम कीमत पर खाना मिलता था। देश भर में इस समय महंगाई पर बहस छिड़ी है। ऐसे में संसद में मिलने वाले सस्ते खाने पर भी चर्चा ज़ोरों पर थी। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। मिली जानकारी के अनुसार सरकार 17 करोड़ रुपए संसद कैंटीन की सब्सिडी पर खर्च होता है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस फैसला पर सभी दल एकमत हैं। सभी पार्टी ने यह तय किया कि संसद भवन के कैंंटीन में मिलने वाली सब्सिडी को खत्म किया जाए। अब खाने के दाम लागत के हिसाब से तय किए जाएंगे।  पिछली लोक सभा में कैंटीन के खाने के दाम बढ़ा कर सब्सिडी का बिल कम किया गया था. अब पूरी तरह से सब्सिडी खत्म कर दी गई है। संसद की कैंटीन में मिलने वाली सब्सिडी कई बार विवादों का हिस्सा रही है। बीते दिनों संसद की कैंटीन की रेट लिस्ट भी वायरल हुई थी. सब्सिडी के तहत देश के सांसदों के संसद की कैंटीन में खाना काफी कम दाम पर मिलता था।

सरकार ने सब्सिडी पर खर्च किए करोड़ों रुपए

बता दें सूचना के अधिकार के तहत दिए गए ब्यौरे के मुताबिक, वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17 तक संसद कैटीनों को कुल 73,85,62,474 रुपये बतौर सब्सिडी दिए गए। अगर बीते पांच वर्षों की स्थिति पर गौर करें तो पता चलता है कि वर्ष 2012-13 में सांसदों के सस्ते भोजन पर 12,52,01867 रुपये, वर्ष 2013-14 में 14,09,69082 रुपये सब्सिडी के तौर पर दिए गए। इसी तरह वर्ष 2014-15 में 15,85,46612 रुपये, वर्ष 2015-16 में 15,97,91259 रुपये और वर्ष 2016-17 में सांसदों को सस्ता भोजन मुहैया कराने पर 15,40,53365 रुपये की सब्सिडी दी गई।

क्या हैं संसद भवन की कैंटीन के रेट 

बता दें कि 2017-18 तक संसद में चिकन करी 50 रुपये, प्लेन डोसा 12 रुपये, वेज थाली 35 रुपये और थ्री कोर्स लंच 106 रुपये में मिलता था। ये सब्सिडी वाली रेट लिस्ट सिर्फ सांसदो के लिए थी। RTI के जवाब में जब 2017-18 की रेट लिस्ट सामने आई थी, तो उसमें सब्सिडी के तौर पर मिलने वाले खाने के दाम का पता चला था।